अटाली दंगों के दर्द से आहत 70 परिवारों ने छोड़ा गांव
धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर जारी विवाद से गांव अटाली में दहशत का माहौल है। गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। इसके बावजूद ग्रामीण अपने आपको सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं।
अटाली दंगों के दर्द से आहत 70 परिवारों ने छोड़ा गांव
इसलिए बृहस्पतिवार को 60 से 70 अल्पसंख्यक परिवारों ने गांव छोड़ दिया। वे अपनी रिश्तेदारियों में चले गए हैं। ऐसा उन्होंने पुलिस से विश्वास उठने के बाद किया है। उन्हें नहीं लग रहा कि पुलिस उनकी सुरक्षा कर पाएगी।
अटाली दंगों के दर्द से आहत 70 परिवारों ने छोड़ा गांव
बुधवार को हुए पथराव के बाद अल्पसंख्यकों ने रात दहशत में काटी। इसीलिए बृहस्पतिवार सुबह होते ही गांव छोड़कर जाने लगे। कुछ पुलिस अधिकारियों ने गांव न छोड़ने के लिए उनकी मान-मनौव्वल की।
अटाली दंगों के दर्द से आहत 70 परिवारों ने छोड़ा गांव
लेकिन अल्पसंख्यकों ने प्रशासन पर भरोसा बहाल न कर पाने का आरोप लगाते हुए उनकी एक न मानी। जबकि यहां न रहने के कारण अब उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल खुल चुके हैं और बच्चे इस फसाद की सजा भुगत रहे हैं।
अटाली दंगों के दर्द से आहत 70 परिवारों ने छोड़ा गांव
लोग ऑटो और अन्य साधन में सामान भरकर रिश्तेदारों के यहां चले गए। हालांकि उन्होंने यह कहा है कि वे हमेशा के लिए नहीं जा रहे। उनका कहना है कि इस घटना से अल्पसंख्यक परिवारों में दहशत है। यहां रहने का हौसला नहीं रह गया। सुबह 11 बजे तक 60 से 70 परिवार गांव छोड़ चुके थे। अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों ने इस बात की जानकारी दी।