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अब सिर्फ वीकिपीडिया पर, 225 साल पुरानी मशहूर दुकान बंद

Thu, 02 Jul 2015 07:11 PM IST
Updated Thu, 02 Jul 2015 07:11 PM IST
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अब सिर्फ वीकिपीडिया पर, 225 साल पुरानी मशहूर दुकान बंद

Iconic ghantewala sweet shuts its shutter after 225 years

1790 में जब घंटेवाला हलवाई की दुकान दिल्ली में खुली थी तो मुगल बादशाह शाह आलम-द्वितीय दिल्ली पर राज कर रहे थे। उस वक्त टीपू सुल्तान मैसूर की गद्दी पर आसीन थे व पेरिस, फ्रेंच रिवॉल्यूशन के दौर से गुजर रहा था।


अब सिर्फ वीकिपीडिया पर, 225 साल पुरानी मशहूर दुकान बंद

Iconic ghantewala sweet shuts its shutter after 225 years

बुधवार को वही 225 साल पुरानी शाही हलवाई की दुकान जो चांदनी चौक में थी हमेशा के लिए बंद हो गई। इस तरह राजधानी के इतिहास से जुड़ा एक मनोरम चैप्टर खत्म हो गया। इसके साथ ही मुगलों को भी अपने स्वाद का ‌दीवाना बनाने वाली यह दुकान इतिहास का हिस्सा भर बन कर रह गई।

अब सिर्फ वीकिपीडिया पर, 225 साल पुरानी मशहूर दुकान बंद

Iconic ghantewala sweet shuts its shutter after 225 years

दुकान के मालिक सुशांत जैन से जब दुकान के बंद होने के बारे में पूछा गया तो वह इतने भावुक थे कि कुछ बोल भी नहीं पा रहे थे। उन्होंने इतना ही कहा कि इस वक्त उनके लिए दुकान के बारे में बात करना बहुत मुश्किल है। सुशांत बोले कि इसे बंद करने का दुख वो बयां भी नहीं कर सकते। ये दुकान उनकी आठ पीढ़ियों ने चलाई है। इसे बंद करने की वजह केवल यही है कि ये पिछले कई सालों से काफी घाटे में जा रही थी।

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अब सिर्फ वीकिपीडिया पर, 225 साल पुरानी मशहूर दुकान बंद

Iconic ghantewala sweet shuts its shutter after 225 years

घंटेवाला दुकान के ठीक बगल में स्थित अनारकली बाजार के नामक साड़ी की दुकान के मालिक अशोक अरोड़ा भी इस दुकान के बंद होने से काफी दुखी हैं। अशोक बताते हैं कि घंटेवाला के घी रिसते सोहन हलवे ‌के फैन इतने ज्यादा थे जिसकी पूछिए मत। घंटेवाला में राजीव गांधी भी आ चुके हैं।

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Iconic ghantewala sweet shuts its shutter after 225 years

अशोक ने अपनी यादों के झरोखे में जाते हुए बताया कि उन्हें अच्छे से याद है जब मोहम्मद रफी अपनी कार से घंटेवाला की दुकान पर आए थे। मोरारजी देसाई भी अपनी जलेबियां यहीं से ले जाते थे। दिवाली के समय तो घंटेवाला के मालिकों को दुकान पर होने वाली भीड़ को मैनेज करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ता था।

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