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दिल्लीः एक धमाका हुआ और छा गया चारों ओर धूल का गुबार और फिर मच गई चीख पुकार
Fri, 04 Jan 2019 05:26 AM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 04 Jan 2019 05:26 AM IST
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घायलों को अस्पताल ले जाता बचाव दल
- फोटो : अमर उजाला
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मोती नगर के सुदर्शन पार्क में हुआ हादसे के बाद लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। पड़ोसियों ने धूल के गुबार के बीच एक-एक कर लोगों को निकालकर निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद पीसीआर और दमकलकर्मी भी वहां पहुंच गए। घायलों को नजदीकी आचार्य भिक्षु अस्पताल पहुंचा दिया गया, जहां से गंभीरों को डीडीयू अस्पताल रेफर कर दिया गया। खबर मिलते ही जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना स्थल की ओर भागे। देर रात तक करीब 15 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका था, जिनमें 7 को मृत घोषित कर दिया गया था।
मोती नगर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी सूरज ने बताया कि डी-ब्लॉक के 96 नंबर प्लॉट में पिछले काफी समय से अंकित गुप्ता नामक शख्स की पंखे की फैक्टरी है। यहां पंखों पर पेट का भी काम किया जाता है। रात करीब 8.45 बजे अचानक तेज धमाका हुआ और धूल का गुबार उठने लगा। सूरज ने बताया कि वह अपने दोस्त मनीष के साथ घटना स्थल की ओर भागा। वह अंदर घुसा और उसने घायलों को निकालकर निजी वाहनों से अस्पताल भेजना शुरू कर दिया। शुरूआत में एक साथ सात लोगों को निकाला गया। इस बीच बचाव दल मौके पर पहुंचा और धीरे-धीरे कुल पंद्रह लोगों को मलबे से निकाला गया। घायलों में पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन लोगों को डीडीयू अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मोती नगर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोस के खाली प्लॉट पर भी गिरा मलबा...
हादसे में घायल हुए अशोक नामक शख्स ने बताया कि हादसे के समय वह पहली मंजिल पर दर्जन भर लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा था। अचानक एक तेज धमाका हुआ और उस पर मलबा गिर गया। डी-96 का मलबा बराबर में खाली प्लॉट पर गिरा। स्थानीय लोगों की मानें खाली प्लॉट में कबाड़ का गोदाम बनाया हुआ था। यहां पर पांच-छह लोग दबे थे। मलबा हटाकर घायलों को वहां से भी निकाला गया।
हादसे में घायल हुए अशोक नामक शख्स ने बताया कि हादसे के समय वह पहली मंजिल पर दर्जन भर लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा था। अचानक एक तेज धमाका हुआ और उस पर मलबा गिर गया। डी-96 का मलबा बराबर में खाली प्लॉट पर गिरा। स्थानीय लोगों की मानें खाली प्लॉट में कबाड़ का गोदाम बनाया हुआ था। यहां पर पांच-छह लोग दबे थे। मलबा हटाकर घायलों को वहां से भी निकाला गया।
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मोती नगर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
संकरी गलियां होने के कारण बचाव कार्य में हो रही दिक्कत...
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल कर्मियों समेत बाकी बचाव दल मौके पर पहुंच गया। जिस गली में में हादसा हुआ, वहां संकरी गलिया हैं। ऐसे में राहत दल को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हुई। हादसे के समय सड़कों पर गाडिय़ां खड़ी हुई थीं। किसी तरह गाडिय़ों को हटवाकर बचाव दल को मौके पर भेजा गया। उधर खबर मिलते ही लोगों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा।
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल कर्मियों समेत बाकी बचाव दल मौके पर पहुंच गया। जिस गली में में हादसा हुआ, वहां संकरी गलिया हैं। ऐसे में राहत दल को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हुई। हादसे के समय सड़कों पर गाडिय़ां खड़ी हुई थीं। किसी तरह गाडिय़ों को हटवाकर बचाव दल को मौके पर भेजा गया। उधर खबर मिलते ही लोगों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा।
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मोती नगर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए खोजी कुत्ते बुलाए गए...
हादसे की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीम खोजी कुत्तों के साथ मौके पर पहुंची। इसके अलावा लाइफ डिटेक्टर मशीनों को भी मौके पर लाया गया। आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। कैट्स की एंबुलेंस को मौके पर तैनात कर दिया गया था। इसके अलावा अस्पतालों में घायलों के उचित इंतजाम के लिए प्रशासन ने इंतजाम कराए।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीम खोजी कुत्तों के साथ मौके पर पहुंची। इसके अलावा लाइफ डिटेक्टर मशीनों को भी मौके पर लाया गया। आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। कैट्स की एंबुलेंस को मौके पर तैनात कर दिया गया था। इसके अलावा अस्पतालों में घायलों के उचित इंतजाम के लिए प्रशासन ने इंतजाम कराए।