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Delhi NCR News: पानी की कमी से जूझ रहा द ललित होटल, दो बोरवेल चलाने की मांगी अनुमति
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-होटल प्रबंधन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में हलफनामा देकर परिसर में मौजूद दो बोरवेल को नियमित करने की अनुमति मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के प्रमुख पांच सितारा होटलों में शामिल द ललित होटल भी पानी की कमी से परेशान है। होटल प्रबंधन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में हलफनामा देकर परिसर में मौजूद दो बोरवेल को नियमित करने की अनुमति मांगी है। होटल का कहना है कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है।
होटल के अनुसार, उसे रोजाना करीब 500 से 577 किलोलीटर पानी की जरूरत होती है। एनडीएमसी की ओर से रोजाना औसतन केवल 150 से 250 किलोलीटर पानी ही मिल रहा है। ऐसे में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए होटल को अपने बोरवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। होटल परिसर में तीन बोरवेल पंजीकृत हैं। इनमें से एक को पहले ही सील किया जा चुका है। होटल ने बाकी दो बोरवेल को जरूरत के समय अतिरिक्त पानी के स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। होटल प्रबंधन के अनुसार, बैठकों के दौरान उसे पीने के अलावा दूसरे कामों के लिए सीपीडब्ल्यूडी का कच्चा पानी इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया था।
होटल ने इसे व्यावहारिक नहीं बताया। उसका कहना है कि सीपीडब्ल्यूडी से मिलने वाले पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता नियमित नहीं है। कई बार पानी से दुर्गंध आने की शिकायत भी मिली है। होटल ने बताया कि पानी बचाने के लिए इस्तेमाल किए गए पानी को एसटीपी और ईटीपी के जरिए साफ किया जाता है। इसके बाद इस पानी का इस्तेमाल बागवानी और कूलिंग टावर में किया जाता है। होटल परिसर में बारिश के पानी को जमा करने की व्यवस्था भी है। होटल का कहना है कि वह एनडीएमसी के पानी का बिल भी नियमित रूप से चुका रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के प्रमुख पांच सितारा होटलों में शामिल द ललित होटल भी पानी की कमी से परेशान है। होटल प्रबंधन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में हलफनामा देकर परिसर में मौजूद दो बोरवेल को नियमित करने की अनुमति मांगी है। होटल का कहना है कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है।
होटल के अनुसार, उसे रोजाना करीब 500 से 577 किलोलीटर पानी की जरूरत होती है। एनडीएमसी की ओर से रोजाना औसतन केवल 150 से 250 किलोलीटर पानी ही मिल रहा है। ऐसे में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए होटल को अपने बोरवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। होटल परिसर में तीन बोरवेल पंजीकृत हैं। इनमें से एक को पहले ही सील किया जा चुका है। होटल ने बाकी दो बोरवेल को जरूरत के समय अतिरिक्त पानी के स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। होटल प्रबंधन के अनुसार, बैठकों के दौरान उसे पीने के अलावा दूसरे कामों के लिए सीपीडब्ल्यूडी का कच्चा पानी इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया था।
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होटल ने इसे व्यावहारिक नहीं बताया। उसका कहना है कि सीपीडब्ल्यूडी से मिलने वाले पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता नियमित नहीं है। कई बार पानी से दुर्गंध आने की शिकायत भी मिली है। होटल ने बताया कि पानी बचाने के लिए इस्तेमाल किए गए पानी को एसटीपी और ईटीपी के जरिए साफ किया जाता है। इसके बाद इस पानी का इस्तेमाल बागवानी और कूलिंग टावर में किया जाता है। होटल परिसर में बारिश के पानी को जमा करने की व्यवस्था भी है। होटल का कहना है कि वह एनडीएमसी के पानी का बिल भी नियमित रूप से चुका रहा है।
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