दिल्ली विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए धरनास्थल पर सीसीटीवी कैमरों से लैस कर लिया है। संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सभी प्रवेश व निकास द्वार पर कैमरे लगाये गए हैं। प्रदर्शनस्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने का पोस्टर चस्पा कर उस पर लिखा गया है कि आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं।
शाहीन बागः प्रदर्शनकारियों को बड़ी हिंसा की आशंका, बचने के लिए लगाई 'ऊपर वाली आखें'
शाहीन बाग में चुनाव बाद हलचल बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैँ। शाहीन बाग में लोगों की जांच के साथ-साथ 11 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गये हैं। इन कैमरों का एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
प्रदर्शनकारी अकरम का कहना है कि धरनास्थल पर कई बार गोलीकांड की वारदात हो चुकी है। कुछ लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिंसा फैलाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए जांच से लेकर सुरक्षा को लेकर हर प्रयास किया जा रहा है। वहीं सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस भी बैरिकेड पर बड़ी संख्या में तैनात है। पुलिस भी धरनास्थल की ओर जाने वालों की तलाशी ले रही है। शाहीन बाग में शाम के वक्त भीड़ बढ़ने पर प्रदर्शनकारी खुद भी संदिग्धों पर नजर रखने के लिए घूमते नजर आते हैँ।
5 फीट के जाल से नोएडा जाने की मशक्कत
शाहीन बाग प्रदर्शन की वजह से कालिंदी कुंज का रास्ता डेढ़ महीने से बंद है, जिसका उस इलाके से गुजरने वाले बाइक सवारों ने खुद ही निदान निकाल लिया है। बाइक सवारों ने ओखला पक्षी विहार की 5 फीट की जाल काटकर वहां से नोएडा की ओर जाने का रास्ता बना लिया है। नोएडा व कालिंदी कुंज के बाइक सवार छोटे से जाल से निकलने में आमने-सामने हो जाते हैं, जिस वजह से जामिया थाने मार्ग पर दिनभर लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहता हे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक सवार लंबी दूरी बचाने के लिए जान सांसत में डालकर इस जोखिम भरे रस्ते का प्रयोग करते हैं।
आदिवासी इलाके के लोग समर्थन देने पहुंचे शाहीन बाग
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सिखों के बाद उत्तर प्रदेश के कई पिछड़े इलाकों से आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में बुधवार को शाहीन बाग पहुंचे हैं। इन लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार सीएए-एनआरी को लाकर एक समुदाय के लोगों में असंतोष पैदा कर रही है।