बहुचर्चित निठारी कांड में घरेलू नौकरानी की हत्या के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहराए गए सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई है। यह निठारी कांड में आया आठवां फैसला है। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने कोली पर 35 और पंधेर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने उन्हें अपहरण, रेप, हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। जानिए सुरेंद्र कोली के बारे में 10 ऐसी बातें जो कम लोग ही जानते हैं।
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surinder koli
- फोटो : अमर उजाला
बचपन में भी कच्चा मांस खाता था कोली पुलिस सूत्रों के अनुसार सुरेंद्र के गांव वालों का कहना है कि बचपन में वह कभी-कभी जानवरों का कच्चा मांस खा लेता था और खुद में ही खोया रहता था।
सिर्फ छठी कक्षा तक पढ़ा है कोली सुरेंद्र कोली के गांववाले बताते हैं कि वह सिर्फ छठी क्लास तक पढ़ा है। पुलिस की जांच में बात सामने आई थी कि उसका पढ़ने-लिखने में मन नहीं लगता था। इसके साथ ही उसके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए उसने पढ़ाई छोड़ दी और चरवाहा बन गया।
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nithari case
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खाने तक के थे लाले सुरेंद्र कोली अल्मोड़ा के एक गांव का रहने वाला है। कोली मवेशी चराकर चराकर अपना गुजारा करता था। साल 2000 में कोली का दिल्ली आना हुआ जिसकी कहानी बेहद दिलचस्प है। दरअसल उसी साल अल्मोड़ा घुमने आए एक ब्रिगेडियर से सुरेंद्र कोली की मुलाकात हुई। इसके बाद वह ब्रिगेडियर के साथ ही दिल्ली आ गया और उनके घर खाना बनाने की नौकरी करने लगा।
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बेहद स्वादिष्ट खाना बनाता था कोली बताया जाता है कि सुरेंद्र कोली काफी स्वादिष्ट खाना बनाता है। उसने ब्रिगेडियर को अपने हाथ का खाना खिलाकर ही अल्मोड़ा में खुश किया था जिसके बाद वो उसे दिल्ली लाए। यही नहीं मोनिंदर पंढेर ने भी ब्रिगेडियर के घर सुरेंद्र कोली के हाथ का खाना खाया था जिसके बाद वो उसे अपनी निठारी वाली कोठी में लाया था।