माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी इस बार 16 फरवरी को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार यह दिवस वसंत ऋतु के आगमन का प्रथम दिन माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में वसंत को ऋतुराज माना जाता है। वसंत पंचमी का यह त्यौहार आनंद और खुशी का प्रतीक माना जाता है। वसंत ऋतु में जहां पृथ्वी का सौंदर्य निखर उठता है, वहीं उसकी अनुपम छटा देखते ही बनती है। नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिष विकास जोशी ने बताया कि सुबह तीन बजकर 36 मिनट से पंचमी लग जाएगी, जिसके बाद स्नान शुरू हो जाएगा।
वसंत पंचमी 2021: बन रहा शुभ और मंगलकारी योग, इस समय पूजा और गंगा स्नान करना होगा फलदायी
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इस दिन पंचक रात्रि आठ बजकर 56 मिनट पर समाप्त होंगे। 27वें नक्षत्र रेवती के अंतर्गत पूरे दिन शुभ योग भी रहेगा। इसमें पूजा पाठ के पूर्ण शुभ फल की प्राप्ति होगी। इस दिन अबूझ सर्वार्थ मुहूर्त एवं शुभ योग होने के कारण सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
वसंत पंचमी पर ज्योतिष के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि व रवियोग एक साथ हैं और मंगलकारी दिन मंगलवार भी है। मकर राशि में चार ग्रह गुरु, शनि, शुक्र और बुध एक साथ होंगे व मंगल अपनी स्वराशि मेष में विराजमान रहेंगे। यह सब मीन राशि व रेवती नक्षत्र के अधीन होगा। साथ ही 27 योगों में सबसे मंगलकारी शुभ योग भी इस दिन व्याप्त रहेगा। इससे पर्व की महत्ता कई गुना अधिक बढ़ गई है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन देवी सरस्वती पर प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था, इसलिए विद्यार्थियों तथा शिक्षा प्रेमियों के लिए यह मां सरस्वती के पूजन का महान पर्व है। चरक संहिता के अनुसार इस ऋतु में स्त्री-रमण और वन विहार करना चाहिए। कामदेव व रति की भी इस तिथि में पूजा करने का विधान है।
धन संबंधी परेशानी दूर करने के लिए मां महालक्ष्मी और मां सरस्वती को लाल गुलाब का पुष्प अर्पित करें।
शुभ मुहूर्त
- सवार्थ सिद्धि व अमृत योग मुहूर्त : 11:11 मिनट से 1.56 बजे तक
स्नान का समय
सुबह 3.56 मिनट पर पंचमी लगने के बाद