उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग के अंदर फंसे 40 मजदूर छह दिन बाद भी बाहर नहीं निकल पाए हैं। इस हादसे में मजदूरों की दिवाली जहां सुरंग के अंदर बीत गई। वहीं शुक्रवार से शुरू हुए छठ पर्व पर भी मजदूर सुरंग से बाहर नहीं आ सके। इसके चलते छठ का उल्लास भी खत्म हो गया है।
बीते रविवार को निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में बड़ी दिवाली वाले दिन भूस्खलन हुआ था। रात्रि शिफ्ट में सुरंग के अंदर गए मजदूर ढाई घंटे बाद शिफ्ट खत्म कर बाहर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही साढ़े पांच बजे भारी भूस्खलन हो गया और वहां काम कर रहे 40 मजदूर अंदर फंसकर रह गए।
Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग से 40 जिंदगियां बचाने की जद्दोजहद, चट्टानी बोल्डर बन रहे बाधा, तस्वीरें
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उत्तरकाशी सुंरग हादसे में बचाव कार्य
- फोटो : अमर उजाला
उसी दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है, लेकिन कब तक मजदूर बाहर आ जाएंगे इस बारे में राहत एवं बचाव अभियान से जुड़े एनएचआईडीसी और जिला प्रशासन के अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
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उत्तरकाशी सुंरग हादसे में बचाव कार्य
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सुरंग में फंसे अधिकांश मजदूर झारखंड, उत्तरप्रदेश व बिहार से हैं। जो कि दिवाली से अधिक छठ पर्व धूमधाम से मनाते हैं। दीपावली पर तो मजदूर बाहर नहीं आ सके, ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि छठ पर्व से पहले रेस्क्यू पूरा कर मजदूरों को बाहर निकाल लिया जाएगा, लेकिन शुक्रवार से छठ पर्व शुरू हो गया है और अभी तक मजदूर अंदर ही फंसे हैं।
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उत्तरकाशी सुंरग हादसे में बचाव कार्य
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सुरंग निर्माण कंपनी से जुड़े मजदूर हेमंत नायक, कुंवर बहादुर, जगन्नाथ व आदित्य का कहना है कि जब उनके साथी अंदर फंसे हैं तो छठ पर्व का उल्लास कैसा। उन्होंने अपने सभी साथियों के जल्द से जल्द बाहर निकलने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
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उत्तरकाशी सुंरग हादसे में बचाव कार्य
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उधर, आज ड्रिलिंग का काम कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन की बेयरिंग में खराबी आ गई है। जिसके चलते काम रुक गया है। वहीं, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि मशीन चलने से हो रहे कंपन के कारण सतह का संतुलन बिगड़ रहा है। जिससे मलबा गिरने का खतरा है। इसी लिए बीच में काम रोकने का निर्णय लिया गया है।