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उत्तराखंड: बतौर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने  विरोध की परवाह किए बिना लिए चौंकाने वाले फैसले

Wed, 10 Mar 2021 08:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 10 Mar 2021 08:55 AM IST
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Uttarakhand Politics Crisis News Today:  Trivendra Singh Rawat Shocking decisions as Chief Minister
त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लगभग चार साल के कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए। बिना संकोच और विरोध की परवाह किए बगैर उनमें फैसले की हिम्मत थी। जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाकर त्रिवेंद्र ने सबको चौंकाया दिया था। 



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वहीं, चार धामों के तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और हकहकूकधारियों के भारी विरोध के बावजूद भी उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन के फैसले पर अडिग रहे। 18 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा था। सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां जोरों पर चल रही थी, लेकिन नौ दिन पहले ही त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

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अपने कार्यकाल में त्रिवेंद्र कई बड़े फैसले लेने के लिए जाने जाएंगे। राज्य आंदोलनकारियों और लोगों की जनभावनाओं के अनुरूप उन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा दिया। इस फैसले के एक साल बाद चार मार्च 2021 को भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र में गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने की घोषणा की।

Uttarakhand Politics Crisis News Today:  Trivendra Singh Rawat Shocking decisions as Chief Minister
त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

चारधाम यात्रा में तीर्थ यात्रियों की सुविधा और अवस्थापना विकास के लिए पहली बार त्रिवेंद्र रावत ने उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड का गठन किया। इसका काफी विरोध होने के साथ ही मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। देवस्थानम बोर्ड को लेकर फैसला त्रिवेंद्र सरकार के पक्ष में आया।

Uttarakhand Politics Crisis News Today:  Trivendra Singh Rawat Shocking decisions as Chief Minister
त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ों से पलायन को रोकने के लिए पहली बार पलायन आयोग का गठन किया। राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए वर्ष 2018 में पहला निवेशक सम्मेलन (इंवेस्टर्स समिट) आयोजित किया। महिलाओं को कृषि भूमि में सह खातेदार का हक दिलाया।

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Uttarakhand Politics Crisis News Today:  Trivendra Singh Rawat Shocking decisions as Chief Minister
त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : एएनआई फाइल फोटो

इसके साथ ही एनएच-74 में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में करोड़ों की घोषणा की एसआईटी जांच कराने का फैसला लिया। पहाड़ की महिलाओं के कंधों से घास का बोझ कम करने के लिए घसियारी योजना का फैसला लिया। वहीं, प्रदेश में कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादलों के लिए ट्रांसफर नीति लागू की है। 

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Uttarakhand Politics Crisis News Today:  Trivendra Singh Rawat Shocking decisions as Chief Minister
त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में ही प्रदेश के 23 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। योजना में प्रदेश के सभी गरीब और अमीरों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य था। हालांकि, केंद्र की अटल आयुष्मान योजना में प्रदेश के 5.37 परिवार ही मुफ्त इलाज की सुविधा के लिए पात्र थे।

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