उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत अपनी बहू अनुकृति के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। शुक्रवार को उन्हें और अनुकृति को पार्टी में शामिल किया गया। इस दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत मौजूद रहे।
Uttarakhand Election: हरक सिंह रावत ने थामा कांग्रेस का हाथ, पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए भाजपा से किए गए थे निष्कासित
गौरतलब है कि हरक सिंह रावत पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगने के बाद विगत रविवार को भाजपा ने निष्कासित किया था। जिसके बाद आज छठवें दिन कांग्रेस ने उनका हाथा थामा। हरक के कांग्रेस में शामिल होते ही देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में जश्न का माहौल रहा। खूब ढोल-नगाड़े बजे और मिठाइयां बंटी।
वहीं छह दिन के इंतजार के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। पार्टी ने अभी प्रदेश में प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है, जिससे यहां संभावितों की बेचैनी बढ़ गई है। साथ ही संगठन के कई पदाधिकारियों ने भी रोष जताया है।
वर्ष 2012 में रुद्रप्रयाग विस से कांग्रेस के टिकट से विधानसभा पहुंचने वाले डा. हरक सिंह रावत की छह वर्ष बाद फिर से पार्टी में वापसी हुई है। भले ही पार्टी के कुछ नेता/कार्यकर्ता हरक सिंह की वापसी को कांग्रेस के लिए संजीवनी बता रहे हैं।
पार्टी के कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जताई है। विरोधी स्वरों में कहना है कि हाईकमान के निर्णय पर वह कुछ नहीं बोल रहे हैं। लेकिन जो हुआ, वह सही नहीं है।
दूसरी तरफ हरक सिंह रावत के कांग्रेस में शामिल होने पर भाजपाईयों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि बीते गुरुवार को पार्टी ने प्रदेश की 70 विस सीटों में से 59 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। लेकिन केदारनाथ विधानसभा सहित 11 सीटों को वेटिंग में रखा है।
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समर्थकों में खुशी
- फोटो : अमर उजाला
इधर, शुक्रवार दिनभर डा. हरक सिंह रावत की फिर से भाजपा में वापसी की खबरों के बीच यहां पार्टी में टिकट के संभावितों के हलक भी सूखे रहे। उनमें से कई तो हर आधे-एक घंटे में अपने मोबाइल से दिल्ली व देहरादून फोन लगाकर स्थिति का जायजा लेते रहे।