उत्तराखंड के देवप्रयाग में मंगलवार शाम दशरथ पर्वत पर बादल फटने से शांता गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे के साथ आए पत्थर और मलबे ने यहां ,बीच बाजार में तबाही मचा दी। पलभर में आईटीआई के भवन सहित लगभग 10 दुकानें ध्वस्त हो गई। नगर से बस अड्डे की ओर आने वाला रास्ता व पुलिया भी बह गई है।
उत्तराखंड: देवप्रयाग में बादल फटने से मची तबाही, कई दुकानें क्षतिग्रस्त, आईटीआई का भवन ध्वस्त
गदेरे के उफान पर आते ही लोगों ने भागकर जान बचाई। गनीमत यह रही कि कोविड कर्फ्यू के कारण आईटीआई सहित दुकानें बंद थी, जिससे यहां आवाजाही बहुत कम थी। यदि सामान्य दिनों की बात होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। आपदा की सूचना मिलने पर विधायक विनोद कंडारी भी मौके पर पहुंचे।
उत्तराखंड में कुदरत का कहर: जहां रहती थी रौनक अब वहां लगे मलबे के ढेर, तस्वीरें बयां कर रहीं तबाही का मंजर...
मंगलवार शाम करीब 5 बजे दशरथ पहाड़ पर बादल फटने के कुछ देर में शांता गदेरे में भारी मात्रा में मलबा आ गया। यह गदेरा बस अड्डे बाजार के बीच से बहते हुए भागीरथी नदी में मिलता है। पानी के साथ आए भारी बोल्डरों ने शांति बाजार में तबाही मचा दी।
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देवप्रयाग में बादल फटा
- फोटो : अमर उजाला
पिलरों पर खड़ी आईटीआई की तीन मंजिला बिल्डिंग जमींदोज हो गई। यहां मौजूद सुरक्षा कर्मी दीवान सिंह ने कूद कर जान बचाई। आईटीआई भवन में मौजूद कंप्यूटर सेंटर, निजी बैंक, बिजली व फोटोग्राफी आदि की दुकानें भी ध्वस्त हो गई।
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देवप्रयाग में बादल फटा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं शांता गदेरे पर बनी पुलिया व रास्ता सहित इससे सटी ज्वैलर्स, कपड़े, मिठाई आदि की दुकानें भी मलबे की भेंट चढ़ गई। शांति बाजार में भी आपदा से करोड़ों के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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देवप्रयाग में बादल फटा
- फोटो : अमर उजाला
थाना प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि फिलहाल जनहानि की कोई सूचना नहीं है। कुछ लोगों ने भागकर जान बचाई। पुलिस और एसडीआरएफ राहत कार्य में लगी हुई है। घटना के बाद से लोगों में दहशत बनी हुई है।
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देवप्रयाग में बादल फटा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि तीन मई को चमोली जिले के घाट ब्लाक में बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन अलग-अलग जगहोंं पर बादल फटने की घटना से घाट बाजार में तबाही मच गई थी। इसके बाद सात मई को नई टिहरी में जाखणीधार ब्लॉक के पिपोला (ढुंगमंदार) में भी बादल फटने के कारण भारी नुकसान हुआ था।