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बिना पास हरिद्वार जा रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को पुलिस ने बॉर्डर पर रोका, दो घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा

Wed, 03 Jun 2020 07:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की/भगवानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की/भगवानपुर Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 03 Jun 2020 07:27 PM IST
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Unlock -1 in uttarakhand : Bhim Army Chief Chandrashekhar Arrives haridwar without Pass, Party Workers Ruckus with police
- फोटो : अमर उजाला

बिना पास के संत रविदास की मूर्ति स्थापित करने हरिद्वार कूच कर रहे भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बॉर्डर पर ही रोक लिया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता बॉर्डर पर पहुंच गए। यहां हरिद्वार जाने को लेकर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और पुलिस में तीखी नोकझोंक हुई। करीब दो घंटे हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद चंद्रशेखर लौट गए और प्रदेश अध्यक्ष समेत कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बहादराबाद थाने में वार्ता के लिए जाने की अनुमति दी।

Unlock -1 in uttarakhand : Bhim Army Chief Chandrashekhar Arrives haridwar without Pass, Party Workers Ruckus with police
- फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार में नमामि गंगे घाट पर कुछ दिन पूर्व संत रविदास जी की मूर्ति खंडित कर दी गई थी। इसे लेकर वहां जमकर हंगामा हुआ था। पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस संबंध में भीम आर्मी ने प्रशासन से वार्ता की थी। प्रशासन ने मूर्ति स्थापित करने के लिए चार दिन का समय मांगा था। बुधवार को चार दिन पूरे होने पर मूर्ति स्थापना के लिए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ छुटमलपुर से दो वाहनों से हरिद्वार के लिए निकले। इसकी भनक स्थानीय एलआईयू और पुलिस को लगी तो वह मंडावर बॉर्डर पर तैनात हो गए और वाहनों की चेकिंग करने लगे।

Unlock -1 in uttarakhand : Bhim Army Chief Chandrashekhar Arrives haridwar without Pass, Party Workers Ruckus with police
- फोटो : अमर उजाला

इस बीच चंद्रशेखर के दोनों वाहनों को बॉर्डर पर ही रोक लिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों के हरिद्वार जाने के लिए अनुमति दिखाने की बात कही, लेकिन उनके पास अनुमति नहीं थी। इसी बीच भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह समेत 40 कार्यकर्ता बॉर्डर पर जा पहुंचे और हरिद्वार जाने की जिद पर अड़ गए, जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन से तीखी नोकझोंक हुई। महक सिंह ने कहा कि प्रशासन ने समय पूरा होने के बाद भी मूर्ति स्थापित नहीं की।

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Unlock -1 in uttarakhand : Bhim Army Chief Chandrashekhar Arrives haridwar without Pass, Party Workers Ruckus with police
- फोटो : अमर उजाला

लिहाजा अब वह खुद हरिद्वार जाकर मूर्ति स्थापित करेंगे। करीब दो घंटे तक बॉर्डर पर हाईवोल्टेज ड्रामा चला। इसके बाद चंद्रशेखर अपने दोनों वाहनों के साथ लौट गए और पुलिस प्रशासन ने प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह समेत करीब 20 कार्यकर्ताओं को वार्ता के लिए बहादराबाद थाने में जाने की अनुमति दी। ये लोग बहादराबाद के लिए निकले तब जाकर मामला शांत हुआ। मंडावर बॉर्डर पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा होने और हंगामा होने से हाईवे पर आंशिक रूप से जाम लग गया।

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- फोटो : अमर उजाला

बता दें कि चंद्रशेखर के दो वाहनों से छुटमलपुर से हरिद्वार के लिए निकलने की सूचना स्थानीय एलआईयू के दरोगा किशन सिंह को सबसे पहले मिली। उन्होंने यह सूचना अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी। एलआईयू की सतर्कता के चलते पुलिस और प्रशासन की टीम चंद्रशेखर की गाड़ी बॉर्डर पर पहुंचने से पहले ही मौके पर पहुंची और उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया। एसपी देहात एसके सिंह का कहना है कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता संत रविदास जी की मूर्ति स्थापित करने के लिए हरिद्वार जाने की मांग कर रहे थे। उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया गया था। समझाने के बाद वे मान गए। इस मामले में जैसे ही अग्रिम आदेश मिलेंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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