कुछ संयोग अद्भुत होते हैं। सुषमा स्वराज ने 2007 में नैनीताल में जो अपनी प्रबल इच्छा जताई थी, शायद वह उसे साकार देखने का ही इंतजार कर रही थीं और यह संयोग ही है कि उस इच्छा के साकार होने के दिन ही उन्होंने इस संसार को अलविदा कह दिया।
सुषमा स्वराज ने 2007 में अनुच्छेद 370 को लेकर कही थी बड़ी बात, लेकिन जब ऐसा हुआ तो कह गईं अलविदा
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भाजपा की लोकप्रिय नेता सुषमा स्वराज वर्ष 2007 में नैनीताल आईं थीं। 14 फरवरी को अपने जन्मदिन के तुरंत बाद 17 फरवरी को वह यहां पहुंची थीं। वह यहां मनु महारानी होटल में ठहरी थीं, जहां उन्हें बिलेटेड बर्थडे विश करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने यहां नगरपालिका के निकट भाजपा प्रत्याशी खड़क सिंह बोरा के समर्थन में सभा भी की थी। 21 फरवरी 2007 को राज्य में विधानसभा चुनाव हुए थे और बोहरा उसमें विजयी रहे थे। 2015 में बोहरा का निधन हो गया था।
अपने भाषण में सुषमा ने वादा किया था कि भाजपा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभा में एक निशान, एक विधान, एक प्रधान का संकल्प दोहराते हुए दावा किया था कि भाजपा जब भी केंद्र में सत्ता में आएगी इसे हटाया जाएगा।