इन दिनों देश भर में गुप्ता बंधुओं के बेटों की शाही शादी के चर्चे हैं। ये चर्चे कुछ तो गुप्ता बंधुओं के दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा से दोस्ती के कारण हैं और कुछ इस शादी के विवादों में आने के कारण।
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शैलेंद्र सिंह पंवार
- फोटो : अमर उजाला
200 करोड़ की यह शाही शादी उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में हो रही है। जिसके कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। लेकिन इस बीच इस शादी को विवाद में डालने वाला एक और सच सामने आया है। जोशीमठ नगरपालिका अध्य्क्ष ने शैलेंद्र सिंह पंवार कहा है कि पालिका ने गुप्ता बंधुओं को शादी के दौरान साफ सफाई व पर्यावरणीय क्षति न करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था।
उन्होंने कहा कि पालिका द्वारा अनुमति नहीं दी गई थी। अनुमति देना प्रशासन का काम है। पालिका की जिम्मेदारी साफ-सफाई की है। इसके एवज में पालिका ने 13 लाख साफ-सफाई और 15 लाख रुपये सफाई वाहन के लिए मांगे थे जिसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह बिल समारोह से औली में होने वाले कूड़े करकट की सफाई, सफाई के लिए तैनात अपने वाहन व कर्मचारी, कूड़ा एकत्रित करने के बाद इसके निस्तारण व निस्तारण तंत्र के विकास के लिए भेजा है। औली दुनिया की खूबसूरत जगहों में शामिल है, इसे किसी भी हालत में गंदा नहीं होने दिया जाएगा।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
बता दें कि हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में सुनवाई के दौरान विवाह का प्रबंधन कर रही कंपनी ई फैक्टर इंटरप्राइजेज के वकील ने कहा था कि नगरपालिका ने शादी की अनुमति दी है। इसके लिए उन्होंने 30 लाख रुपये सरकार के खाते में जमा किए हैं।