लॉकडाउन में बेरोजगार होने और कर्ज के बोझ तले दबने के बाद आरोपियों ने देहरादून से रुड़की ले जाकर लाखों का लैपटॉप चोरी कर लिए थे। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने 48 घंटे में ही लाखों के लैपटॉप चोरी का खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 लैपटॉप भी बरामद किए हैं। गाड़ी के अंदर इतने लौपटॉप देख पुलिस भी हैरान रह गई। वहीं, मामले में मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी अब भी फरार चल रहे हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
लॉकडाउन में हुए बेरोजगार तो युवकों ने बनाया चोरी का ऐसा प्लान, गाड़ी के अंदर देख पुलिस भी हुई हैरान
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शुक्रवार को सिविल लाइंस कोतवाली में एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने प्रेसवार्ता कर लैपटॉप चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चार दिन पूर्व ट्रांसपोर्ट कंपनी उत्तरांचल रोड कॅरियर से एक टेंपो देहरादून से लैपटॉप लेकर रुड़की आया था। जादूगर रोड से चालक दिन्नू उर्फ पंडित निवासी ग्राम झरसा, फमुखनगर, गुरुग्राम लाखों के लैपटॉप लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने जीपीएस की मदद से सोलानी पार्क से टेंपो बरामद कर लिया था। ट्रांसपोर्टर ने बताया था कि टेंपो से 42 लैपटॉप चोरी हुए थे। ट्रांसपोर्टर राजेंद्र प्रसाद सेमवाल की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। साथ ही हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालकर एक स्विफ्ट डिजायर कार का नंबर ट्रेस किया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार रात कार को ट्रेस कर नारसन बॉर्डर पर रोक लिया।
तलाशी लेने पर कार से 40 लैपटॉप बरामद हुए। पुलिस ने कार चालक सन्नी और जितेंद्र कुमार चौधरी निवासी शास्त्रीनगर, हिल व्यू कॉलोनी थाना वसंत विहार, देहरादून को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की तो पता चला कि चोरी का मास्टरमाइंड राज राय उर्फ सुबोध निवासी सोनापार, रोसरी, थाना रोसरा जिला समस्तीपुर बिहार, हाल निवासी हरकेश नगर ओखला फेज दो, नई दिल्ली है। उसने टेंपो चालक दिन्नू उर्फ पंडित और रहीम निवासी हरकेश नगर ओखला फेस दो नई दिल्ली के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। एसएसपी ने बताया कि देहरादून से ही कार चालक सन्नी टेंपो के पीछे चल रहा था। सोलानी पार्क के पास टेंपो से लैपटॉप कार में रख लिए थे।
तीन माह पूर्व मास्टरमाइंड राज राय ने लैपटॉप चोरी की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने देहरादून निवासी दोस्त जितेंद्र को योजना में शामिल किया। जितेंद्र की जान पहचान से दिन्नू की ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी लगवाई। साथ ही आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस गुरुग्राम के फर्जी पते पर स्कैन कर जमा करवाया। इसके बाद दिन्नू ने ईमानदारी से काम कर मालिक का विश्वास जीत लिया था।
एसएसपी ने बताया कि राजराय उर्फ सुबोध शातिर दिमाग है। ये लोग गाड़ी चलाने में माहिर हैं। सभी आरोपियों के पास कामर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस है। आरोपी योजना बनाकर लाइसेंस व आधार कार्ड को स्कैन कराकर एडिटिंग कर फर्जी नाम व पता डलवा लेते हैं। हर जगह चालक की ही नौकरी मांगते थे। इसके बाद कागज देकर मालिक का विश्वास जीत लेते हैं। कुछ दिन नौकरी करने के बाद मौका पाकर माल लेकर फरार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि सुबोध वर्ष 2017 में ओखला, दिल्ली में भी दो साथियों के साथ मिलकर ऐसी घटना कर चुका है।