उत्तराखंड: हड़ताल पर जनरल-ओबीसी कर्मचारी, नो वर्क नो पे से और बढ़ा आक्रोश, तस्वीरें
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राज्य सचिवालय में जनरल ओबीसी कर्मचारी बड़ी संख्या में बेमियादी हड़ताल में शामिल हुए। इससे सचिवालय का कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहा। सचिवालय में एससी एसटी वर्ग के कर्मचारियों ने ही मोर्चा संभाला। सचिवालय प्रशासन विभाग के सूत्रों के अनुसार, सचिवालय में 30 से 32 प्रतिशत की उपस्थिति रही। कई सामान्य व ओबीसी वर्ग के कर्मचारी उपस्थिति दर्ज करके आंदोलन में शामिल हुए। कई कर्मचारियों की गैरसैंण में बजट सत्र के लिए डयूटी लगी थी।
राजधानी स्थित लोनिवि, सिंचाई, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, आरटीओ, कोषागार समेत कई अन्य विभागों में जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने कामकाज नहीं किया। जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री के मुताबिक, परेड ग्राउंड में आयोजित धरना स्थल पर विभाग वार रजिस्टर पर 1500 से अधिक जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज की। उनके मुताबिक, ये संख्या आगे और बढ़ेगी। परेड ग्राउंड में आयोजित सभा में कर्मचारी नेताओं ने आरपार की जंग का एलान किया।
जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने धमकी दी कि प्रदेश सरकार ने प्रमोशन से रोक नहीं हटाई तो पांच मार्च से सभी आवश्यक सेवाओं को भी ठप कर दिया जाएगा। इसके लिए आंदोलन में शामिल सभी कर्मचारी संघों और परिसंघों के नेताओं से अपील की गई कि वे इसके लिए तैयार रहें। मंगलवार को शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान जनरल ओबीसी कर्मचारी विधानसभा सत्र का घेराव करेंगे। विधायकों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा के जनरल ओबीसी कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने को गैरसैंण(भराड़ीसैंण) के लिए कूच कर गए।
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मसले पर दल कर्मचारियों के साथ है। मीडिया से वार्ता में दल के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि एक बार नौकरी में आरक्षण दे दिया गया है तो फिर प्रमोशन में नहीं दिया जाना चाहिए।