उत्तराखंड के अल्मोड़ा में धौलछीना में शनिवार शाम जबरदस्त ओलावृष्टि के बाद अल्मोड़ा-बेड़ीनाग सड़क पर पल्यूं बैंड से कसाण बैंड तक लगभग एक दर्जन वाहन सड़क से फिसलकर नाली में जा घुसे। इस कारण मार्ग के दानों तरफ लगभग तीन किमी लंबा जाम लग गया। भारी ओलावृष्टि के कारण दोनों ओर छोटे-बड़े लगभग 150 वाहन फंस गए।
रविवार सुबह 10.20 पर जाम खुल सका। करीब 18 घंटे तक यात्री भूखे प्यासे धौलछीना में जाम में फंसे रहे। हालांकि, व्यापार मंडल धौलछीना के सदस्यों ने जाम में फंसे यात्रियों को बिस्कुट, नमकीन और पानी की बोतलें बांटीं, जिससे यात्रियों ने थोड़ी-बहुत राहत महसूस की और व्यापार मंडल का आभार जताया।
अल्मोड़ा से पहुंची आपदा प्रबंधन टीम और पीडब्लूडी के अधिकारियों ने शनिवार रातभर सड़क खोलने का प्रयास किया। जाम इतना जबरदस्त था कि जेसीबी को आगे निकालने में ही घंटों लग गए। आपदा अधिकारी और पीडब्लूडी के जेई खुद वाहनों को धक्का लगाकर आगे निकालने का प्रयास करते रहे। रविवार को विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया।
उन्होंने बताया कि डीएम, उद्यान, कृषि और राजस्व विभाग से नुकसान का आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा। लोगों का कहना है कि धौलछीना में थाना खोला गया होता तो जाम खुलवाने में इतनी दिक्कतें नहीं होती। शनिवार रात भर बारिश के बाद रविवार को सुबह काफी देर तक कोहरा रहा। कुछ देर धूप निकलने के बाद ओलावृष्टि के साथ फिर बारिश शुरू हो गई है।
चंद्र सिंह महरा, लाल सिंह, दीवान सिंह, मोहन मिश्रा, भूपाल महरा, विपिन महरा, प्रशांत रावत, राजू नेगी, दानू नेगी आदि ने सुबह चार बजे तक जाम खुलवाने में प्रशासन की मदद की। 2014 में भी धौलछीना में भारी बर्फबारी से सड़क जाम हो गई थी। तब भी 24 घंटे यात्री सड़क पर ही फंसे रहे थे। लोगों के जेहन में वह बात आज फिर से ताजा हो गई।