{"_id":"5d5ff2f78ebc3e014f25bd1d","slug":"patanjali-ceo-acharya-balkrishna-and-ramdev-started-business-after-took-debt","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आचार्य बालकृष्ण और बाबा रामदेव की जोड़ी ने ऐसे खड़ा किया अरबों का एंपायर, कर्ज लेकर की थी शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार्य बालकृष्ण और बाबा रामदेव की जोड़ी ने ऐसे खड़ा किया अरबों का एंपायर, कर्ज लेकर की थी शुरुआत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 24 Aug 2019 11:48 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
पतंजलि योगपीठ को देश ही नहीं दुनिया के भी फलक पर चमकाने में बाबा रामदेव के साथ ही आचार्य बालकृष्ण का बड़ा हाथ है। दोनों बाल सखा की जोड़ी ने अरबों का एंपायर यूं ही खड़ा नहीं किया। इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में पतंजलि समूह का सालाना टर्नओवर 10 हजार करोड़ रुपये है।
2 of 5
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बताया जाता है कि पंतजलि को शुरू करने के लिए बालकृष्ण को एक एनआरआई दंपति ने कर्ज दिया था। इसके बाद उन्होंने बाबा रामदेव के साथ मिलकर साल 1990 में हरिद्वार में दिव्य फार्मेसी की शुरुआत की थी। यही फार्मेसी बाद में पतंजलि बन गई। इसके बाद उन्होंने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2006 में की। जिसे अत्याधुनिक सेवाओं एवं संसाधनों के लिए आयएसओ, डब्ल्यूएचओ, जीएमपी, जीएलपी आदि प्रमाण पत्र प्राप्त हैं।
3 of 5
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बाबा रामदेव और बालकृष्ण ने पहले योग की हिन्दी, अंग्रेजी सहित देश की प्रमुख भाषाओं में योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व भजनों पर आधारित ऑडियो-वीडियो सामग्री के माध्यम से देश में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने इसके साथ आयुर्वेद को भी जोड़ा। योग, आयुर्वेद, संस्कृति, संस्कार व अध्यात्म की संवाहक योग संदेश मासिक पत्रिका का प्रकाशन हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, बंगाली, ओडिया, असमी, कन्नड, भाषाओं में किया जाता है। देश-विदेश में प्रतिमाह योग संदेश पत्रिका के दस लाख से भी अधिक पाठक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इतना ही नहीं इसके बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम रखा और पतंजलि विश्व विद्यालय के दो कैंपस और आचार्यकुलम की स्थापना की। इसमें योग और आयुर्वेद से जुड़े छात्र-छात्राओं को आधुनिक एवं प्राच्य की शिक्षा दी जाती है। कई गंभीर बीमारियों का इलाज भी पतंजलि में किया जाता है। उनके इसी प्रयास के कारण अब जल्द ही देश का पहला वैदिक बोर्ड भी शुरू होने जा रहा है।
विज्ञापन
5 of 5
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बाबा रामदेव के साथ अचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार में विश्व के सबसे बड़े फूड एवं हर्बल पार्क का निर्माण कराया। जिसमें फूड प्रोडक्ट भी बनाए जाते हैं। उन्होंने कई शहरों में पतंजलि के पोष्टिक नाम से रेस्टोरेंट भी खोले। इसके बाद भी वे यहीं नहीं रुके। हाल ही में पतंजलि के परिधान भी बाजार में उतारे गए हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।