भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में इस बार बहुत कुछ खास होने जा रहा है। इस बार एक ऐसा काम होने जा रहा है जिससे आईएम के अधिकारी खुद भी हैरानी में है। वहीं ये बात जानकार आप भी गर्व करेंगे।
दरअसल, भारतीय सैन्य अकादमी से पासआउट होने वाले जांबाजों में पहली बार दस मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स भी पासआउट होने जा रहे हैं। हर साल की पासिंग आउट परेड में इनकी संख्या दो से पांच राष्ट्रों तक होती है। सभी कैडेट्स पासआउट होने के बाद अपनी-अपनी सेनाओं का हिस्सा बनेंगे।
बता दें कि भारतीय सैन्य अकादमी में मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स भी प्रशिक्षण लेने आते हैं। अभी तक आईएमए से 2081 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स पासआउट हो चुके हैं। यहां प्रशिक्षण लेने वाले विदेशी कैडेट उन देशों से हैं, जिनके भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।
इसमें कुछ देश ऐसे हैं, जहां प्रशिक्षण के लिहाज से बुनियादी ढांचे की कमी है। कुछ बेहतर सैन्य शिक्षा सीखने और दो देशों के बीच मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अपने कुछ कैडेट यहां भेजते हैं। इसके अलावा अस्थिरता के दौर से गुजर रहे अफ गानिस्तान के भी बड़ी संख्या में युवा यहां से पासआउट हुए हैं।
पासआउट होने वाले कैडेट्स में अफगानिस्तान, भूटान, फिजी, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, किंग्डम ऑफ लिसोथो, पापुओ न्यू गिनिया, रिपब्लिक ऑफ सूडान, रिपब्लिक ऑफ तंजानिया और किंग्डम ऑफ टोंगा।