इन दिनों अलीगढ़ में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर हेट स्टोरी की पटकथा लिखी जा रही है, वहीं नैनीताल उनकी परीकथाओं सरीखी लव स्टोरी के शताब्दी वर्ष का गवाह बन रहा है। आज से ठीक सौ वर्ष पहले 19 अप्रैल 1918 को विवाह के तुरंत बाद जिन्ना अपनी पत्नी रतनबाई (रूटी) के साथ हनीमून मनाने सरोवर नगरी में आए थे।
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जिन्ना तब लगभग 10 दिन यहां मेट्रोपोल होटल में रहे थे। 1880 में बने इस होटल के मालिक उनके मित्र महबूबाबाद के नवाब सर मोहम्मद अली मोहम्मद खान थे। बंटवारे के बाद इसके तत्कालीन मालिक राजा आमिर अहमद खान के पाकिस्तान चले जाने पर यह शत्रु संपत्ति घोषित हो गया। अब इसके आलीशान भवन खंडहर हो चुके हैं। इस होटल से शुरू जिन्ना की प्रेमकथा का अंजाम भी इस होटल जैसा ही हुआ। अपने दौर की देश की सबसे चर्चित प्रेमकथा जल्द ही बिखरे रिश्तों और दुखद अंत पर पहुंच गई।
1916 में 40 वर्षीय जिन्ना मुंबई के प्रतिष्ठित वकील थे। उनकी मुंबई (तब बॉम्बे) के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शुमार पारसी दिनशॉ मानेकजी पेटिट से दोस्ती थी। पेटिट की पुत्री रतनबाई उर्फ रूटी तब 16 वर्ष की थीं और अपने अद्वितीय सौंदर्य और बुद्धिमत्ता के चलते नाइटिंगेल ऑफ मुंबई नाम से मशहूर थीं। जिन्ना और रूटी में 24 वर्ष का अंतर था। जिन्ना की शादी 16 वर्ष की उम्र में हो चुकी थी लेकिन चंद महीनों में ही उनकी पत्नी का निधन हो गया था। जिन्ना और रूटी में पहली नजर में प्यार हो गया पर रूटी के पिता विवाह को राजी नहीं थे। रूटी के घर से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन 18 वर्ष की होते ही रूटी ने अपने परिवार से सारे रिश्ते तोड़ कर इस्लाम अपना लिया और मरयम नाम रखकर जिन्ना से विवाह कर लिया।
जिन्ना की जीवनकथा जिन्ना ऑफ पाकिस्तान में लेखक स्टेनली वॉलपर्ट ने उल्लेख किया है कि वे हनीमून के लिए नैनीताल आए थे। अभी तक एक दूसरे से अलग रहे जिन्ना रूटी की प्रेम कहानी नैनीताल में ही परवान चढ़ी। संभवत: वह सौ वर्ष पहले का यही सप्ताह रहा होगा। 1919 में उनकी पुत्री दीना का जन्म हुआ। बाद में जिन्ना स्वाधीनता आंदोलन खासकर मुस्लिम लीग के बैनर तले अलग राष्ट्र बनाने के आंदोलन में इस कदर उलझे कि उनका रूटी से साथ छूटता चला गया, 1927 में वे अलग ही हो गए। रूटी अंत तक उन्हें मार्मिक प्रेमपत्र लिखती रहीं और जिन्ना ने भी फिर विवाह नहीं किया। मात्र 29 वर्ष की आयु में ठीक अपने जन्मदिन के रोज रूटी का निधन हो गया।
रूटी के निधन के बाद जिन्ना की बेटी दीना की परवरिश जिन्ना की बहन फातिमा ने की। दीना को एक पारसी युवक नेविल वाडिया से प्रेम हो गया। जिन्ना की मर्जी के बगैर दीना ने नेविल से विवाह कर लिया। रूटी के पिता की तर्ज पर अब जिन्ना ने अपनी बेटी से रिश्ता तोड़ लिया यहां तक कि उसे जिन्ना नाम भी प्रयोग नहीं करने दिया। पाकिस्तान का निर्माण जिन्ना ने किया पर उनकी पुत्री ने भारत को अपनाया और जिन्ना की पाकिस्तान में कोई विरासत तक नहीं बची।