काला पानी विवाद और लिपिंयाधूरा, लिपुलेख को अपने नक्शे में शामिल करने के बाद नेपाल ने भारतीय सीमा पर गतिविधियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार नेपाल जूलाघाट और दार्चूला में भारतीय सीमा से सटे क्षेत्रों में नेपाल हेलीपैड का निर्माण कर रहा है। नेपाल सेना के जवानों ने भारतीय सीमा पर कांबिंग भी बढ़ा दी है।
वहीं, नेपाल बार्डर पर नेपाली सुरक्षा बलों की तैनाती लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल अपनी सीमा में तेजी से सड़क निर्माण का कार्य कर रहा है। जौलजीबी के ठीक सामने नेपाल में सड़क निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है। भारत नेपाल सीमा पर भी एसएसबी ने चौकसी कड़ी कर दी है।
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नेपाल सीमा पर तैनात जवान
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल ने टनकपुर सीमा पर अस्थायी रूप से स्थापित की गईं सशस्त्र पुलिस की तीन पोस्टों को हटा दिया है। बताया गया कि सशस्त्र पुलिस की ये तीनों पोस्टें कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सीमा सील होने के बाद नेपाल ने अस्थायी रूप से स्थापित कीं थीं।
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नेपाल बॉर्डर पर पहरा देते जवान
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सशस्त्र पुलिस की ये तीनों पोस्टें कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अस्थायी रूप से स्थापित की गईं थीं। इन पोस्टों का उद्देश्य भारत से लौट रहे प्रवासियों के गुपचुप तरीके से इस सीमा से नेपाल में प्रवेश को रोकना था। चूंकि अब भारत से नेपाल के प्रवासियों के लौटने की संख्या कम हो गई है तो इन पोस्टों का कोई औचित्य नहीं रह गया था।
भारत-नेपाल के बीच चल रहे सीमा विवाद के बावजूद मंगलवार को भारत ने अच्छी पहल करते हुए नेपाल के उत्तराख्ांड बोर्ड के छात्र के लिए पुल खोला ताकि वह पेपर दे सके। पेपर न देने पर छात्र का साल खराब हो जाता। एसएसबी के एसएसआई किशोर सिंह ग्वाल ने बताया छात्र का मेडिकल चेकअप करने के बाद उसे भारत आने दिया गया। दोपहर एक बजकर 30 मिनट पर जूलाघाट (नेपाल) के दीवान सिंह बिष्ट को इंटरमीडिएट की भूगोल की परीक्षा दिलाई गई।