फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कांवड़ यात्रा के इतिहास से जुड़े रोचक तथ्य, शिव को कष्ट से मुक्ति देती है ये यात्रा

Tue, 11 Jul 2017 06:29 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 11 Jul 2017 06:29 PM IST
विज्ञापन
history of kanwar yatra
kanwar history

क्या है कांवड़ यात्रा का इतिहास, ये यात्रा सावन के महीने में ही क्यों की जाती है। दरअसल, ‌भगवान शिव को कष्ट से मुक्ति देती है ये यात्रा। जानिए पूरी बातें सिलसिलेवार...

history of kanwar yatra
history of kanwar yatra

10 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। ये यात्रा सावन के महीने में शुरू की जाती है। इसके पीछे हजारों वर्ष पहले हुई समुद्रमंथन की घटना है। जिसके बाद ये सबकुछ हुआ। आगे जानिए...

history of kanwar yatra
history of kanwar yatra

समुद्रमंथन के दौरान निकले हलाहल विष को पीने के बाद भगवान शिव का गला नीला हो गया था। साथ ही उनके शरीर में कई नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगे थे। ऐसे में देवता चिंतित हो उठे।

विज्ञापन
विज्ञापन
history of kanwar yatra
history of kanwar yatra

चिंतित देवताओं ने आपस में सहमति के बाद एक हल निकाला और पवित्र और शीतलता का पर्याय गंगा जंल शिव के शरीर में चढ़ाना शुरू किया।

विज्ञापन
history of kanwar yatra
lord shiva symbol image

कुछ ही समय में देवताओं की मेहनत रंग लाई और शिव का शरीर सामान्य होने लगा। इसी कार्य को आगे बढ़ाते हुए कांवड‌़िये हरिद्वार से गंगा जल लेकर नीलकंठ महादेव में चढ़ाते हैं। यह यात्रा सदियों से चली आ रही है। आगे, जानिए सबसे पहले कौन लाया था कांवड़।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed