हरिद्वार में रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सलेमपुर महदूद में दो दिन से लापता अरहान (7) और फरहान (8) के शव रविवार रात उनके घर के पास ही एक प्लाट में खड़ी कार के अंदर से बरामद हुए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार की पिछली सीट से बच्चों के शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए थे।
वहीं, पुलिस ने रात में ही दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। सोमवार दोपहर करीब दो बजे अरहान और फरहान के शव घर पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। दोनों बच्चे चचेरे भाई हैं।
हरिद्वार में सनसनी: कार में मिले तीन दिन पहले घर के बाहर से लापता हुए दो बच्चों के शव
दोनों मासूमों के परिजनों को रिश्तेदार और ग्रामीण सांत्वना दे रहे थे। साढ़े तीन बजे गांव के कब्रिस्तान में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
ईद से चार दिन पहले ही दो सगे भाइयों के बेटों की मौत से उनके घर में आने वाली खुशियां गम में बदल गई। दोनों भाइयों के घर ईद की तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही थीं। ईद की खरीदारी भी पूरी हो गई थी। साथ ही बच्चों को उनकी पसंद के कपड़े भी दिलवाए थे।
अरहान और फरहान की मां जहां अपने जिगर के टुकड़ों के शवों को देखने के बाद दहाड़े मारकर रोने लगीं तो वहीं उनके पति एक कोने में खड़े होकर अपने आंसुओं को छिपाते हुए नजर आए।
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मृतक अरहान और फरहान
- फोटो : अमर उजाला
फैजान का बेटा फरहान सबसे बड़ा था। वहीं, कुरबान का बेटा अरहान तीसरे नंबर का था। ईद से पहले ही परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ को लेकर सांत्वना देने के लिए आए ग्रामीण चर्चा कर रहे थे कि दोनों बच्चे बहुत हंसमुख थे। आने-जाने वालों को सलाम करना उनकी दिनचर्या में शामिल था। कोई व्यक्ति दस बार भी मिलता था तो उसे सलाम करते थे। वहीं, ईद की तैयारियां भी पूरी हो गई थी। इसके लिए खरीदारी भी कर ली गई थी।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शव
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को दोनों मासूमों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी थी। शव देखते ही हर आंख नम हो गई। गमगीन माहौल में परिजनों ने बच्चों के शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शवों के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कार में दो दिन से बंद बच्चों के शवों से जब दुर्गंध आने लगी तो मोहल्ले के लोगों ने छानबीन की। प्लाट में खड़ी कार के शीशे के अंदर झांककर देखा तो होश उड़ गए। कार की पिछली सीट पर बच्चों के शव पड़े थे। इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शवों के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्लाट में कार डेढ़ साल से खड़ी थी। पड़ोसियों का कहना है कि कार बेचने का सौदा देहरादून में चल रहा था। कार का मालिक उसे 70 हजार में बेचना चाहता था, लेकिन खरीदार ने 60 हजार रुपये ही लगाए। 10 हजार रुपये में बात अटकी हुई थी।