मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महिला से बाइक सवार आरोपी ने दुष्कर्म किया था। इसके बाद कार सवार चार लोग महिला और उसकी बेटी को जबरन कार में डालकर ले गए और दोनों से सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही मंगलौर बाईपास किनारे खेतों में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने बाइक सवार और कार सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त बाइक व कार बरामद कर ली है। साथ ही पांचों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
मां और बच्ची से हैवानियत: बाइक सवार ने महिला और कार सवारों ने दोनों से किया था दुष्कर्म, कार में लगा था ये झंडा
उन्होंने जबरन महिला और छह साल की बच्ची को कार में बैठा लिया था। इस पर किसी किसान संगठन का झंडा लगा था। इसके बाद वह महिला और बच्ची को कोर कॉलेज से मंगलौर बाईपास किनारे एक खेत में ले गए थे, जहां पर चारों ने महिला और बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद चारों महिला व बच्ची को खेत में ही फेंककर फरार हो गए। एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में आरोपी महक सिंह महिला और बच्ची को ले जाते हुए कैद हो गया था। शिनाख्त होने के बाद उसको गिरफ्तार किया गया। उसने कार का नंबर पुलिस को बताया। नंबर के आधार पर जांच की तो पता चला कि कार राजीव उर्फ विक्की तोमर निवासी ग्राम बेलडा, थाना भोपा मुजफ्फरनगर के नाम पर रजिस्टर्ड है।
पुलिस ने आरोपी राजीव तोमर को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि घटना में ग्राम बेल्डा निवासी सुबोध और साल्हापुर थाना देवबंद, सहारनपुर निवासी सोनू व जगदीश भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों को सहारनपुर और मुफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि पांचों ने वारदात को स्वीकारा है। घटना में प्रयुक्त बाइक और अल्टो कार भी बरामद कर ली गई है। साथ ही पांचों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने महिला से जानकारी लेनी चाही तो वह बदहवास हालत में थी। महिला ने सोनू निवासी रुड़की का नाम बताया था। साथ ही महिला बार-बार कलियर से रुड़की आने की बात बता रही थी, जबकि वह घटना के समय रुड़की से कलियर जा रही थी। साथ ही महिला ने ही दुष्कर्म के घटनास्थल की जानकारी दी थी। वह सामूहिक दुष्कर्म के घटनास्थल की सही जानकारी नहीं दे पाई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामूहिक दुष्कर्म के घटनास्थल की सच्चाई का पता चल पाया है।
पुलिस और रुड़की सीआईयू की टीम ने घटनास्थल के खुलासे के लिए रुड़की और आसपास क्षेत्र में सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। साथ ही घटनास्थल के आसपास मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने के लिए टावर डंप का सहारा लिया था। एसएसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए टीम को डीआईजी की ओर से 50 हजार और उनकी ओर से 25 हजार इनाम की घोषणा की गई है।