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Rudraprayag:पांच युवाओं ने मद्महेश्वर घाटी में खोजा 78 किमी लंबा ट्रैकिंग रूट, डिजिटल मैप किया तैयार, तस्वीरें

Fri, 11 Oct 2024 09:06 AM IST
रेनू सकलानी विनय बहुगुणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
विनय बहुगुणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 11 Oct 2024 09:06 AM IST
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Five youths discovered a 78 km long trekking route in Madmaheshwar valley Rudraprayag Watch Photos
मद्महेश्वर घाटी में खोजा 78 किमी लंबा ट्रैकिंग रूट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

चोपता-बिसुड़ीताल-खमदीर-नंदकुंड-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट दुर्गम है और इस पर ग्लेशियर, झीलें और कई किमी तक फैला पथरीला भू-भाग है। आने वाले दिनों में यह देश-विदेश के ट्रैकर की पसंद बन सकता है। युवाओं ने कुछ समय पूर्व इस ट्रैक को गूगल मैप पर देखा था।



इसके बाद उन्होंने इस ट्रैक की भौतिक स्थिति जानने के लिए डिजिटल मैप तैयार किया और इसकी मदद से इस ट्रैक को खोज निकाला। मद्महेश्वर घाटी के गौंडार गांव के अभिषेक पंवार व अजय पंवार, बडाूस गांव के संजय नेगी, नई टिहरी बडियारगढ़ के विनय नेगी और डांगी गांव के विपिन सिंह ने नए ट्रैक की खोज की है।

यह पर्यटक स्थल चोपता को द्वितीय केदार मद्महेश्वर से जोड़ रहा है। 20 सितंबर को पांच सदस्य दल ने पर्यटक स्थल चोपता से नए ट्रैक खोज अभियान की शुरुआत की। पहले दिन तीन किमी की दूरी तय कर दल रात्रि प्रवास के लिए मर्तोली पहुंचा। 21 सितंबर को सुबह छह बजे पांच सदस्यीय दल मर्तोली से आगे बढ़ा और कई नदी नालों को पार करते हुए 15 किमी की दूरी तय कर चित्रा वड्यार पहुंचा।

Five youths discovered a 78 km long trekking route in Madmaheshwar valley Rudraprayag Watch Photos
ट्रैकिंग रूट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

22 सितंबर को दल चित्रा बड्यार से डिजिटल मैप की मदद से आगे बढ़ते बुग्याली छोटे-छोटे मैदानों व घाटियों के बीच स्थित बिसुड़ीताल होते हुए दवा मरूड़ा पहुंचा। 23 सितंबर को दल दवा मरूड़ा से आगे बढ़ते हुए दुर्गम राह पार करते हुए अजय पास पहुंचा।

Five youths discovered a 78 km long trekking route in Madmaheshwar valley Rudraprayag Watch Photos
मद्महेश्वर घाटी में खोजा 78 किमी लंबा ट्रैकिंग रूट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

24 सितंबर को युवाओं का दल अजय पास से अभियान को आगे बढ़ाते हुए प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज भरतकुंड, केदारनाथ, केदारडोम, खर्च कुंड, भागीरथी, मंदानी पर्वती, सतोपंथ, जन्हुकुंड, चौखंभा का दूर से दीदार करते हुए डगडनियाल खाल पहुंचा। यह पूरा क्षेत्र पथरीला है और यहां पत्थरों की शिलाएं हैं।

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Five youths discovered a 78 km long trekking route in Madmaheshwar valley Rudraprayag Watch Photos
ट्रैकिंग रूट पर युवा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

खास बात यह है कि क्षेत्र चमोली और रुद्रप्रयाग जिले की सीमा से लगा है। यहां से आगे खमदीर है, जो समुद्रतल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर है। पूरे क्षेत्र में बड़े-बड़े पहाड़ जैसा भूखंड है। खमदीर के निचले हिस्से में ट्री लाइन शुरू होती है। यहां से शेषनाग कुंड से नंदी कुंड होते हुए दल पांडवसेरा से काच्छिनी खाल से नीचे उतरे हुए द्वितीय केदार मद्महेश्वर पहुंचा।

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Five youths discovered a 78 km long trekking route in Madmaheshwar valley Rudraprayag Watch Photos
ट्रैकिंग रूट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पांच सदस्यीय ट्रैकिंग दल में शामिल विनय नेगी ने चोपता-बिसुड़ीताल-खमदीर-नंदकुंड-मद्महेश्वर ट्रैक के तीन डिजिटल मैप तैयार किए। मैप में पूरे ट्रैकिंग रूट के एक-एक बिंदु को दर्शाया गया, जिससे कोई दिक्कत न हो।

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