मंगलवार देर रात को हुई बारिश ने उत्तराखंड में बारिश एक बार फिर कहर बनकर बरसी। पौड़ी में मंगलवार रात बारिश के साथ अंधड़ से पौड़ी गांव में मुख्य उद्यान अधिकारी के सरकारी आवास की छत उड़ गई। धूमाकोट-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग में जगह-जगह मलबा आने से हाईवे 11 घंटे अवरुद्ध रहा। जिले में मंगलवार रात की बारिश ने कुछ स्थानों पर जमकर तबाही मचाई। चौपड़ा में एक मकान में मलबा आ गया। जयहरीखाल के चमेठा में मलबा आने से गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। चोपड़यू में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
उत्तरकाशी में धारी पल्ली गांव में व्रजपात से एक भवन क्षतिग्रस्त होने से उसमें बंधी दो भैंस और 19 बकरियां मर गईं। राजस्व एवं पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आंकलन किया। धारी पल्ली गांव के ग्रामीण आजकल मवेशियों के साथ गांव से करीब तीन किमी दूर दोगड़ा नामे तोक में रहते हैं। यहीं उनके सेब के बागीचे भी हैं। मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे मूसलाधार बारिश के बीच व्रजपात होने से जयानंद डोभाल का आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे भवन की निचली मंजिल पर बंधी दो भैंस और छह बकरी मर गई।
भवन से सटी सियाराम की गोशाला भी क्षतिग्रस्त होने से यहां बंधी सियाराम की पांच, सतेश्वर की तीन, नेत्रमणि की चार और रतनमणि की एक बकरी मर गई। हादसे के समय जयानंद और सियाराम इसी मकान के दूसरे हिस्से में सोए हुए थे। तहसीलदार बुद्धिलाल सरियाल, राजस्व निरीक्षक जयेंद्र राणा, उपनिरीक्षक राजेश रावत ने क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी। पूर्व प्रधान जयेंद्र राणा, विनोद डोभाल, श्याम डोभाल ने प्रशासन से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है।
धूमाकोट-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पैठाणी और पाबौ के पास मलबा आने से घंटों अवरुद्ध रहा। मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र कुमार के पौड़ी गांव स्थित सरकारी आवास का टीन उड़ गई। मुख्य उद्यान अधिकारी ने बताया कि आवास क्षतिग्रस्त होने से फिलहाल वे किसी परिचित के यहां रह रहे हैं। पाबौ प्रतिनिधि के मुताबिक चोपड़ा गांव में पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई।
गांव को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया। नाले में पानी के तेज बहाव से ग्रामीणों के खेत भी कट गए। ग्राम प्रधान विजेंद्र सिंह ने बताया कि बिक्रम सिंह की दुकान में मलबा आने से सामान खराब हो गया। प्रेम सिंह भंडारी के तालाब की मछलियां बह गई।