धनतेरस पर इस शुभ मुहूर्त में पूजा कर भगवान कुबेर को करें प्रसन्न, अपनी राशि के अनुसार करें खरीदारी
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कहते हैं कि भगवान धनवंतरी श्रीविष्णु के अंशावतार हैं। उनके प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। उनके हाथ में कलश था, इसलिए बर्तन खरीदने की परंपरा चल पड़ी। प्रदोष काल मंगलवार शाम सात बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और आठ बजकर 42 मिनट तक रहेगा। यानी शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए 48 मिनट का वक्त होगा।
इस दिन दिन ढलने के बाद मिट्टी के दीये को रखकर उसमें तिल भरें और फिर दीप प्रज्ज्वलित करें। दीये को दक्षिण दिशा में रखकर पवित्र मन से दीपदान करें। इससे यमराज प्रसन्न होते हैं। साथ ही भगवान कुबेर और धनवंतरी को खीर का भोग लगाएं। पुष्प, अबीर, गुलाल, रोली अर्पण करें। इसके बाद एक दीपक को घर के दरवाजे पर भी रखें।
मेष: मूंगा धातु, ताम्र पात्र, लाल वस्त्र
वृष: सफेद वस्त्र,चांदी की वस्तु, ओपल रत्न
मिथुन: स्टील धातु, पन्ना,हरे कपड़े, फल