पुलिस गिरफ्त में आए आसाराम गौतम ने पत्नी के कत्ल की पटकथा तीन दिन पहले ही लिख दी थी। उसकी योजना कत्ल के बाद पत्नी का चेहरा जलाने की थी। पत्नी की चीख पुकार सुन बच्चों के आने से उसका पूरा खेल बिगड़ गया।
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मजबूरन उसे साक्ष्य छोड़कर भागना पड़ा। शव छिपाने के लिए आसाराम ने उन घनी झाड़ियों को चुना था, जहां किसी का आनाजाना नहीं था। उसकी सोच यह थी कि पहचान न होने की स्थिति में उसका जुर्म सामने नहीं आएगा।
पटेलनगर के चंद्रबनी खालसा में पत्नी की हत्या में पकड़े गए आसाराम गौतम ने कत्ल की वारदात को सुनियोजित ढंग से
अंजाम दिया। दोनों के बीच खटपट की कहानी काफी पुरानी है, लेकिन तीन दिन पहले खीर की थाली फेंकने की घटना ने आग
में घी डालने का काम किया।
एसएसपी डा. सदानंद दाते ने आरोपी से पूछताछ के आधार पर बताया कि बृहस्पतिवार को आसाराम ने पत्नी के साथ खीर खाने के लिए उसकी थाली में हाथ लगाया थज्ञ। सिर्फ हाथ लगाने से नाराज होकर पत्नी ने खीर की थाली फेंक दी थी। इस दौरान पत्नी ने कुछ ऐसे कड़वे शब्द कहे, जिसके बाद आसाराम ने उसे मारने का निर्णय लिया।
आसाराम ने कत्ल का प्लान तैयार किया। उसने पहले ही बोतल में मिट्टी का तेल और फिनाइल रख लिया था। एक दिन
पहले जंगल में शव को छिपाने के लिए जगह तलाशी। सोमवार को आसाराम पत्नी को लकड़ी लाने के लिए जंगल ले आया।
तभी आसाराम ने लकड़ी के फट्टे से उसके सिर पर प्रहार किया।