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अफसरों की नाक के नीचे बिक रहा था पुरानी शराब का इतना बड़ा जखीरा कि देखने वाले रह गए हक्के-बक्के

Sat, 04 Aug 2018 05:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sat, 04 Aug 2018 05:59 PM IST
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huge number of alcohol bottle in sanitary warehouse cost is two and half crore
alcohol

कुमाऊं में आबकारी विभाग का तमाम अमला तैनात होने के बावजूद ढाई करोड़ की शराब का स्टॉक जमा हो जाना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। यहां आबकारी मुख्यालय की ओर से एडिशनल के अलावा ज्वाइंट और डिप्टी कमिश्नर तक तैनात किए गए हैं, मगर किसी ने भी पिछले वित्तीय वर्ष में दुकानों का स्टॉक जांचने की जहमत ही नहीं उठाई। अविश्वास का आलम यह था कि भारी मात्रा में जमा अवैध शराब की सूचना इन अफसरों को दिए जाने के बजाए मुखबिर ने आबकारी आयुक्त से सूचना साझा की। बताते हैं कि बीते चार महीने में लगभग एक करोड़ की अवैध शराब बेची भी जा चुकी है। अभी कई और जगहों पर पुराना माल दबाकर रखा गया है।


 

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alcohol

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद आबकारी विभाग दुकानों में मौजूद शराब के स्टॉक की जांच करता है। यह देखा जाता है कि कितनी शराब बिक गई और कितनी शेष रह गई। इसके बाद शेष रह गई शराब का निस्तारण किया जाता है। नए वित्तीय वर्ष में ठेकों को नया स्टॉक उपलब्ध कराया जाता है। यह कवायद शराब की अवैध बिक्री और तस्करी रोकने के मकसद से की जाती है।
 

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alcohol

मगर हल्द्वानी में मिली ढाई करोड़ की शराब पकड़े जाने के बाद विभागीय कामकाज की कलई खुलकर सामने आ गई है। शराब के भारी स्टॉक की सूचना भी किसी ने सीधे आबकारी कमिश्नर को दी। उन्होंने भी बड़े अधिकारियों को कार्रवाई का जिम्मा सौंपने के बजाए सीधे नैनीताल के जिला आबकारी अधिकारी को कार्रवाई के लिए लगाया। विभाग के सूत्र बताते हैं कुमाऊं का प्रभार देखने वाले कुछ अफसर तो देहरादून में ही डटे रहते हैं।
 

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ढाई करोड़ की शराब पकड़े जाने के मामले को दबाने के लिए प्रदेश के तमाम बड़े नाम जुगत लगाते रहे, लेकिन किसी की एक न चली। बताते हैं कि यह स्टॉक ताजा-ताजा भाजपाई बने एक बड़े नेता के करीबी का था। इस नाते उन्होंने भी खूब जोर लगाया। सूत्रों की मानें तो जांच में कुछ बड़े नामों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
 

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बरामद शराब का जखीरा - फोटो : amar ujala

करीब पखवाड़े भर पूर्व आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में टोल फ्री नंबर का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा प्रत्येक सूचना पर हुई कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने को भी कहा था। ताजा कार्रवाई में पकड़ी गई शराब इसी टॉल फ्री नंबर से आई सूचना पर की गई, जिसमें विभाग को अब तक के इतिहास में सबसे बड़ी सफलता मिली। बताते हैं कि जिस जगह यह शराब पकड़ी गई, उसके आसपास छोटी-छोटी दुकानों, ढाबों और खोमचों पर इस शराब को बेचा जा रहा था। इस खुलासे के बाद प्रकाश पंत ने आबकारी विभाग को और अधिक सतर्कता बरतने व कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।

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