मंगलवार को देहरादून में दिन दहाड़े हुआ हत्याकांड इतना भयानक था कि देखने वाले भी सिहर गए। काफी देर तक उस जगह भीड़ होते हुए भी बस सन्नाटा छाया रहा। जानकारी के मुताबिक आदेश बिहार के एक डिग्री कालेज में टीचर थे। यहां कारोबार अच्छाखासा फैल जाने के बाद पिछले करीब दो सालों से वह ज्यादातर बालावाला और देहरादून में ही रहते थे। उन्होंने यहां भवन निर्माण सामग्री के जरिए उसने करोड़ों का कारोबार खड़ा कर लिया था।
करोड़ों के कारोबार के लिए छोड़ी टीचर की नौकरी, मिली इतनी खौफनाक मौत कि देखने वालों की भी रूह कांप गई
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भतीजे विकास बालियान के मुताबिक आदेश टीचर की नौकरी से इस्तीफा देकर बड़े बेटे शुभम बालियान को धंधे में स्थापित करने में जुटे थे। आदेश के छोटे भाई उदयवीर बालियान की तीन साल पहले शिमला जाते समय मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी है। पुलिस महकमे से रिटायर हो चुके पिता गोपीचंद का भी निधन हो चुका है। आदेश बालियान के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी शिवानी पुणे के एक नामी संस्थान से लॉ की पढ़ाई कर रही है। सबसे छोटा बेटा अभी पांचवीं में है। आदेश अपने परिवार के साथ राजेश्वर नगर, फेज-1 आईटी पार्क स्थित फ्लैट में रहते थे।
मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले दिनेश बालियान का बालावाला में बालाजी ट्रेडर्स के नाम से भवन निर्माण सामग्री का फुटकर कारोबार है। दिनेश रेत, बजरी और गिट्टी आदेश बालियान से ही लेते थे। घटना के दौरान दिनेश भी अपनी दुकान पर ही थे। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनने के बाद वह भागकर प्लाट की ओर भागे, उस वक्त हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद लौट रहे थे। दिनेश भावावेश में कुछ बोला तो हमलावरों में से एक ने कहा- ‘इसी समय इसे भी ठोक दो...बहुत सगा बन रहा है’। इतना सुनते ही दिनेश अपनी दुकान की ओर भागे, जहां भीड़ जमा हो चुकी थी। इस बीच हमलावर फरार हो चुके थे।
आदेश बालियान पर जानलेवा हमले की घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कै द हो गया है। पुलिस ने दो सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग अपने कब्जे में ले ली है। इनमें नकाबपोश हमलावर आते और वारदात को अंजाम देने के बाद जाते हुए दिख रहे हैं। दुकानदारों की कानूनी पचड़े में फंसने के डर ने फुटेज हासिल करने में काफी देर कर दी, वरना हुलिए के आधार पर पुलिस नाकेबंदी की असरदार कोशिश कर सकती थी। आसपास के दुकानदार काफी देर तक बिजली न होने के कारण सीसीटीवी न चलने का बहाना बनाते रहे। बाद में रिकार्डिंग खंगाली गई तो वारदात से जुड़े अहम फुटेज मिले हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर भी सुराग तलाश रही है।
करीब 15 दिन पहले आदेश ने एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती से मिलकर सचिन तोमर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल, बजरी सप्लाई की एवज में सचिन पर आदेश के 1 लाख 70 हजार रुपये उधार चले रहे थे। कई बाद तगादा करने के बाद भी सचिन ने रकम अदा नहीं की तो आईटी पार्क चौकी में पंचायत भी हुई। यहां 1 लाख 20 हजार रुपये अदा करने के वायदे पर दोनों में समझौता हुआ था। इस सहमति के बाद भी सचिन ने उधार नहीं चुकाया तो आदेश ने उसका ट्रैक्टर बंधक बना लिया। इससे बौखलाए सचिन ने आदेश और उसके बेटे शुभम को जान से मारने की धमकी देनी शुरू दी। इस धमकी का नतीजा मंगलवार को इस खौफनाक वारदात के रूप में सामने आया।