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अगर बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया है पढ़ें ये जरूरी खबर, देर हुई तो पछताएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 31 Jan 2018 08:38 AM IST
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अगर आपने भी बैंक में फिक्स डिपॉजिट करवाया हुआ तो यह खबर बेहद काम की है। अगर आपने देर कर दी तो फिर पछतावे के अलावा और कोई रास्ता नहीं रहेगा।
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बैंकों में जमा की यह सुरक्षा डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कार्पोरेशन (DICGC) की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है। बैंकों के मामले में DICGC एक कस्टमर के अधिकतम सिर्फ 1 लाख रुपए की ही गारंटी देता है, यह नियम बैंकों की हर ब्रांच के लिए लागू है। यानी कि बैंक में किसी भी अकाउंट होल्डर की सिर्फ 1 लाख रुपए की जमा ही सुरक्षित होती है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों को शामिल किया जाता है। इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि अगर आपका मूलधन और ब्याज जोड़कर 1 लाख रुपए है तब तो रकम सुरक्षित है, लेकिन अगर सिर्फ मूलधन 1 लाख रुपए या ज्यादा है तो यह सुरक्षित नहीं है।
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- फोटो : amar ujala
अगर आपके पास 3 से 4 लाख रुपए निवेश के लिए हैं, जिसे आप बैंक में जमा करना चाहते हैं तो आपके लिए क्या बेहतर होगा। बेहतर है कि इस रकम को अलग-अलग बैंकों में निवेश करें। हर अकाउंट में 90 हजार या 99 हजार तक निवेश करने का फायदा यह है कि आपकी पूरी रकम सुरक्षित रहेगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
दूसरा फायदा यह है कि अगर एफडी कराने के बाद आपको किसी परिस्थिति में एफडी तोड़नी पड़ जाए तो कोई एक एफडी तोड़कर काम चला सकते हैं। इससे एफडी तोड़ने की वजह से जो नुकसान होता है, वह भी बहुत कम होगा। आपको यह जानना जरूरी है कि एफडी में समय से पहले पैसे निकालने पर पेनल्टी लगती है। ऐसे में सिर्फ उसी अकाउंट पर पेनल्टी लगेगी, जिससे आप पैसे निकाल रहे हैं। बाक अकाउंट में आपका पैसा तय ब्याज दर से बढ़ता रहेगा।
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कई बार बैंक एफडी पर ब्याज दरा कम कर देते हैं और कई बार यह बढ़ जाता है। ऐसे में एक ही योजना में पैसे जमा करने पर यह फिक्स हो जाता है और कम ब्याज दर होने का नुकसान हो सकता है।