उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की शतरंज पर वोटों की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। राजनीतिक दल अपनी अपनी जीत तय करने के लिए वोटरों के धर्म और जाति के आधार पर वर्गीकरण करने में जुटे हैं। इस बीच एक मुस्लिम संगठन चुनाव में मुस्लिम वोटरों की मोर्चेबंदी के लिए एमआईएम नेता असदउद्दीन ओवैसी को हरिद्वार लाने की तैयारी में है। माना जा रहा है ओवैसी पिरान कलियर में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। मुस्लिम वोटरों पर ओवैसी फैक्टर कारगर रहा तो कई सीटों का चुनावी गणित बदल सकता है।
...तो ओवैसी बिगाड़ेंगे उत्तराखंड की कई विधानसभाओं का गणित!
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प्रदेश के कुल 13 जनपदों में सबसे ज्यादा मुस्लिम जनसंख्या हरिद्वार जिले में निवास करती है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो जिले की 11 विधानसभाओं में पिरान कलियर, भगवानपुर, मंगलौर, खानपुर व हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा में मुस्लिम मतदाता निर्णायक संख्या में है। जबकि रानीपुर, ज्वालापुर, झबरेड़ा व लक्सर जैसी सीटों पर भी मुस्लिम वोटर चुनाव को प्रभावित करते हैं।
सीधे तौर पर मुस्लिमों को कांग्रेस और बसपा के कैडर वोट के तौर पर जाना जाता है। यही वजह है कि कई सीटों पर कांग्रेस और बसपा के मजबूत प्रत्याशी होने पर भाजपा बढ़त बना सकती है। प्रदेश में मुस्लिम समाज की सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए भगवानपुर के सिकंदपुर भैंसवाल निवासी राव इमरान ने उत्तराखंड मुस्लिम विकास मोर्चा का गठन किया था। संगठन राजनीतिक तौर पर भी मुस्लिमों की मजबूत हिस्सेदारी के पक्ष में हैं।
अगले चुनाव को लेकर जब तमाम दल वोटों के गुणा भाग में जुटे हैं, ऐसे में संगठन ने मुस्लिम वोटों की लामबंदी की कवायद शुरू की है। जिसके तहत कट्टर मुस्लिम छवि के नेता असदउद्दीन ओवैसी से रैली के लिए समय मांगा गया है। सूत्र बताते हैं कि ओवैसी ने पहले दौर की वार्ता के बाद पिरान कलियर में रैली के लिए हामी भी भर दी है।
मोर्चे का प्रयास है कि पिरान कलियर, भगवानपुर, मंगलौर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण जैसी सीटों पर जहां मुस्लिम वोटर निर्णायक हैं और यहां मुस्लिम प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में है, वहां मुस्लिम वोटरों को लामबंद कर एक दिशा में जोर लगाया जाए। खुद मोर्चा संयोजक राव इमरान ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चुनाव के समय सभी पार्टियां मुस्लिमों का वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती हैं, मोर्चा पूरा प्रयास करेगा कि इस बार ऐसा न होने दिया जाए।