भगवान आशुतोष के बारह ज्योर्तिलिंगों में ग्यारहवें केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों की पोथी में देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं के कुल, कुटंब का 500 वर्ष से अधिक समय पुराना लेखा-जोखा मौजूद है। इसी पोथी के सहारे पुरोहित लोग धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु की पहचान कर उन्हें बाबा केदार के दर्शन कराते हैं और पूजा-अनुष्ठान की परंपराओं का संपादन करते हैं।
भगवान शिव के इस धाम में है 500 साल का रिकॉर्ड,पीएम मोदी से अमिताभ तक कई हस्तियों की पोथी का जिक्र
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आदिगुरू शंकराचार्य द्वारा स्थापित केदारनाथ मंदिर का निर्माण 900 वीं सदी में बताया जाता है। केदारघाटी के गांवों की बसागत भी 12 से 15वीं सदी के बीच मानी जाती है। तब, ये यहां के तीर्थ पुरोहित केदारनाथ धाम में बाबा केदार की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। वहीं, अपने यज्ञमानों को प्रतिवर्ष धाम आने के लिए शीतकाल में देश के अलग-अलग प्रांतों का भ्रमण करते हैं।
बताया जाता है जब से तीर्थ पुरोहितों ने बाबा केदार में पूजा-अर्चना का जिम्मेदारी सौंपी, तब से वे अपने यजमानों की पोथी तैयार करते आ रहे हैं। इसी पोथी के जरिए तब, से तीर्थ पुरोहित केदारनाथ धाम में अपने यजमानों की पहचान कर उनके हाथों बाबा केदार की पूजा करवाते हैं। केदारघाटी के देवलीभणिग्राम, लमगौंडी, देवर, रुद्रपुर, ल्वारा, वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि 500 वर्ष पूर्व से पोथी का लेखा-जोखा मौजूद है।
देश के अलग-अलग प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं के केदारनाथ पहुंचने पर उनका नाम, पता और गोत्र की जानकारी ली जाती है। इसी के आधार पर पोथी की मदद से उनके पूर्वजों का जिक्र करते हुए अपने यजमानों का सत्कार किया जाता है। साथ ही उनके पूर्वजों का तर्पण कराया जाता है। वे बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन सहित अन्य कई हस्तियों की पोथी आज भी मौजूद है।
तीर्थ पुरोहित दिनेश बगवाड़ी, महेश बगवाड़ी, गणेश तिवारी, अरूण प्रकाश वाजपेयी बताते हैं कि पोथी के मदद से केदारनाथ से किस प्रांत का कितना पुराना संबंध है, उसकी जानकारी मिल जाती है। यह, पोथी मात्र नहीं, बल्कि यज्ञमान और पुरोहित के आपसी स्नेह का माध्यम भी है।