अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में शनिवार को शुरू हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का भले ही यह फाइनल मैच हो। लेकिन, धर्मशाला मैदान का यह पहला टेस्ट मैच है और यहां इस मैच के साथ बहुत कुछ पहली बार हो रहा है। भारतीय टीम के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज कुलदीप यादव अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच धर्मशाला में खेल रहे हैं। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के कंधे की चोट की वजह से फाइनल मैच से बाहर बैठने पर कुलदीप यादव का धर्मशाला में डेब्यू हो रहा है।
विराट कोहली के टीम से बाहर होने का फायदा सिर्फ कुलदीप यादव को ही नहीं मिल रहा है। बल्कि टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अजिंक्या रहाणे को भी इस बहाने पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी करने का मौका मिला है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया टीम के डेविड वार्नर और स्टीवन स्मिथ को टीम की दूसरी विकेट के लिए पूरी सीरीज में सबसे बड़ी साझेदारी निभाने का भी रिकॉर्ड बना है।
वहीं धर्मशाला मैदान के पहले टेस्ट मैच की शुरूआत पहली बॉल में चौके से हुई है। डेबिड वार्नर ने पहली ही गेंद में भुवनेश कुमार को चौका जड़ दिया, तो ऑस्ट्रेलियन कैप्टन स्मिथ ने मैच के पहले दिन पहला शतक अपने नाम किया। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के फाइनल मुकाबले की मेजबानी अनुराग ठाकुर के नेतृत्व के बिना हो रही है।
एचपीसीए के लिए यह पहला मौका है, जब वह किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी अनुराग ठाकुर के नेतृत्व के बिना हो रही है। अब तक धर्मशाला में हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच अनुराग ठाकुर के एचपीसीए अध्यक्ष रहते ही हुए हैं। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का धर्मशाला में स्वयं टेस्ट मैच की मेजबानी करने का सपना टूटा है।
सितंबर 2015 में जब धर्मशाला को टेस्ट मेजबनी के लिए सेंटर घोषित किया गया था। उस समय बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष रहते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा था कि उनका धर्मशाला में टेस्ट मैच की मेजबानी करने का सपना है। लेकिन, धर्मशाला में हुए टेस्ट मैच की मेजबानी अनुराग नहीं कर पाए। इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई और एचपीसीए की कुर्सी छोड़नी पड़ गई थी।