अमीनाबाद का मुमताज मार्केट 24 घंटे तक सुलगता रहा। आग की भीषण लपटों और केमिकल भरे धुएं के आगे 500 चक्कर लगाने के बाद भी फायर बिग्रेड की 30 गाड़ियां नाकाफी साबित हुईं। फायर बिग्रेड ने हथियार डाल दिए तो राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (एनडीआरएफ) ने मोर्चा संभाला।
लखनऊ में व्यापारियों का 200 करोड़ का सामान राख
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रविवार की रात नौ बजे तक एनडीआरएफ के सदस्य आग बुझाने में जुटे रहे, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। इस बीच 200 दुकानों में रखा करोड़ों रुपये का सामान राख हो गया। शनिवार रात नौ बजे के करीब अमीनाबाद के मुमताज मार्केट में आग लगी थी।
रविवार को भी आग पर फायर ब्रिगेड काबू नहीं पा सकी। इस बीच उन्नाव, बाराबंकी और रायबरेली समेत राजधानी की करीब 30 दमकल गाड़ियां आग पर काबू पाने की जद्दोजहद करती रहीं। फायर ब्रिगेड के पास आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
एक ही छत के नीचे बेसमेंट में बनीं दो सौ से अधिक दुकानों में भीतर लगी आग से केमिकल भरा धुआं निकलता रहा।
बेसमेंट में जाने के चारों रास्ते भी काफी तंग होने की वजह से दिक्कत हुई। शनिवार रात सबसे पहले दुकानदार गुड्डू समेत छह दुकानों में आग लगी।
सूचना के करीब पौन घंटे बाद पहुंचे दमकलकर्मियों ने दुकानों में लगी आग पर कई घंटे की मशक्कत केबाद काबू पा लिया था। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम लौट गई। आग पूरी तरह से बुझा ली जाती और उसी समय दुकानों के शटर तोड़कर देख लिया जाता तो शायद दोबारा आग न भड़क पाती।