बस को बनाया घर और वहीं मिली लाश, मां ने कहा- अब घर का खर्च कैसे चलेगा?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पतरा, गजनेर (कानपुर देहात) निवासी गुड्डू कुमार (19) प्रिया ट्रैवर्ल्स की बस में क्लीनर था। वह बस में रहता और सोता था। सुरेश बाग, फजलगंज निवासी चालक सूरज उर्फ मुखिया ने बताया कि वह कानपुर से अकबरपुर (कानपुर देहात) बस चलाता है। शुक्रवार की रात उसने गड़रियनपुरवा, फजलगंज में बस खड़ी थी।
इसके बाद वह घर चला गया था। जबकि, गुड्डू बस में ही सोने के लिए चला गया था। शनिवार की सुबह वह बस का गेट खोलकर भीतर गया, तो गुड्डू चादर के सहारे छत पर लगे लोहे के रॉड (सेफ्टी हैंडिल) से लटक रहा था।
बकौल सूरज, फौरन उसने पूरा वाकया ट्रैवल्स कंपनी के मालिक और फजलगंज पुलिस को बताया। सूरज ने बताया कि गुड्डू शराब का लती था। उसका एक लड़की से प्रेम प्रसंग भी था। अक्सर मोबाइल पर लड़की से बात करता था। उसका मानना है कि गुड्डू का रात में प्रेमिका से किसी बात पर विवाद हुआ था।
इधर, गुड्डू की मां कुंती देवी ने बेटे गुड्डू की हत्या का शक जताया है। उसे किसने और क्यों मारा। इस बारे में कुंती कुछ नहीं बता सकीं। थानाप्रभारी ने बताया कि क्लीनर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी की प्रतीत हो रहा है।
कुंती ने बताया कि उनके चार बेटे थे। इनमें अभी तक तीन बेटों की मौत हो चुकी है। छोटा बेटा बबलू ही बचा है। तीन में से दो बेटों की बीमारी से मौत हुई थी। शुक्रवार को गुड्डू की फांसी से जान चली गई। गुड्डू की कमाई से ही उनके घर का खर्च चलता था। कुंती ने रोते हुए बताया कि अब उनके घर का खर्च कैसे चलेगा। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है।