पंजाब के कपूरथला में रहने वाले एक हिंदू परिवार ने मुसलमानों का पवित्र ग्रंभ कुरान जो 300 साल पुरानी और बिस्किट से भी छोटी है 30 दशकों से संभाल रखा है। यह कुरान 2.5 सेंटीमीटर लंबी, 2 सेंटीमीटर चौड़ी और 1 सेंटीमीटर मोटाई वाली है। 385 पन्नों की इस कुरान में हर पन्ने पर 8 आयतें लिखी हैं। परिवार इसके 300 साल पुरानी होने का दावा करता है।
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हिंदू परिवार के पास 300 साल पुरानी कुरान
- फोटो : amar ujala
कपूरथला के मोहब्बत नगर निवासी संजीव कुमार सूद ने इस नायाब कुरान शरीफ को दिखाते हुए बताया कि इस्लाम धर्म के इस पावन ग्रंथ को पूरी मर्यादा के साथ सहेज कर रख रहे हैं। उनके घर में यह परंपरा उनके दादा जसवंत राय सूद के समय से चली आ रही है। इस नायाब सूक्ष्म कुरान शरीफ को वह हरे रंग के कपड़े में लपेट कर अपनी तिजोरी में रखते हैं। सूद ने बताया कि उनके दादा जी गणित के शिक्षक थे। उन्हें कपूरथला रियासत के एक वजीर ने यह दुर्लभ कुरान शरीफ भेंट की थी।
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इस कुरान शरीफ को एक लोहे के छोटे केस में अदब के साथ रखा हुआ था और उसके ऊपर एक लेंस लगा हुआ था। जिसकी मदद से इसे पढ़कर अल्लाह की इबादत की जाती थी। अब लेंस किसी वजह से टूट गया है। सूद ने बताया कि दुबई से कुछ शेख आए थे। उन्होंने इस कुरान शरीफ को बहुत ही नायाब और दुर्लभ बताया था। उन्होंने इस कुरान शरीफ को लेने के लिए पेशकश दी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
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उनके दादा के बाद उनके पिता शिवदर्शन कुमार सूद भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहे और अब वह खुद इसका अनुसरण कर रहे हैं। संजीव सूद ने बताया कि दुबई से आने वाले शेख ने ही उन्हें बताया कि यह अमूल्य धरोहर है। इसे हरे रंग के कपड़े में पूर्ण मर्यादा के साथ सहेज कर अपने सिर से ऊपर रखें। उनके कहे अनुसार इसका पूरा पालन हो रहा है। 1982-83 में लाहौर से तीन मुसलमान भाई जालंधर आए थे। वह भी इस कुरान शरीफ को देखने के लिए खास तौर पर उनके पास आए थे।
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