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प्रख्यात लेखक ने पूछा, तो क्या राष्ट्रपति और RBI गवर्नर झूठे हैं?
Mon, 09 Nov 2015 08:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Updated Mon, 09 Nov 2015 08:13 AM IST
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अनुपम खेर के मार्च फॉर इंडिया पर हिंदी के वरिष्ठ कवि और चिंतक और साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले अशोक वाजपेयी ने तीखा वार किया। जानिए क्या बोले?
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अशोक वाजपेयी ने कहा कि अगर अनुपम खेर असहिष्णुता को सच्चाई नहीं मानते तो इसका अर्थ यह हुआ कि देश के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, रिजर्व बैंक के गवर्नर आदि भी झूठ बोल रहे हैं या ये सभी कुंद जहन हैं।
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अशोक वाजपेयी ने कहा कि अगर खेर कह रहे हैं कि साहित्यकारों के पुरस्कार वापस करने के विरुद्ध में उन्होंने मार्च निकाला हैं तो बता दें कि पुरस्कार हमारा हक है, हमने अपने हक से पुरस्कार पाया और वापस भी किया। इसमें फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को क्या आपत्ति है।
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अशोक वाजपेयी चंडीगढ़ लेक क्लब में चल रहे लिटराटी फेस्टिवल में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने कहा कि हमारी बुनियादी अपील भारत की जनता से है ताकि वह सचेत हो, क्योंकि कि इस तरह की कुरीतियां पनपने से देश का लोकतंत्र, परंपरा व संस्कृति तीनों खतरे में है।
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अशोक वाजपेयी ने कहा कि गजेंद्र सिंह चौहान को एफटीआईआई का चेयरमैन बना दिया गया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष खुदा जाने कौन हैं, कहां से आए हैं? तो सरकार से क्या उम्मीद की जाए। आईआईटी ने भोजन की मांग की तो कह दिया कि देशद्रोही हैं। जेएनयू को देश द्रोहियों का अड्डा कह दिया गया। अल्पसंख्यकता को नाकाबिले बर्दाश्त बताया जा रहा है। यह सिर्फ धर्म की अल्पसंख्यकता नहीं है। विचार, विश्वास, लोगों की मूल्यों की भी अल्पसंख्यकता है।
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