फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सैल्यूट टू लेडी: ये हैं लावारिसों की मसीहा, रिश्तेदार बनकर कर चुकी हैं 500 संस्कार

Wed, 08 Mar 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 08 Mar 2017 09:15 AM IST
विज्ञापन
Women's Day 2017, salute to unique lady amarjeet kaur, who does creamation of heirless dead bodies
अमरजीत कौर ढिल्लों
वूमेन्स डे के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं उस महिला की कहानी, जिसे लावारिसों का मसीहा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इनके बारे में जानकर आप सैल्यूट करेंगे इन्हें।
Women's Day 2017, salute to unique lady amarjeet kaur, who does creamation of heirless dead bodies
अमरजीत कौर ढिल्लों
इस मसीहा का नाम है अमरजीत कौर ढिल्लों। 54 साल की ये महिला अब तक रिश्तेदार बनकर 500 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है। इन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित कर दिया है। यही कारण है कि इन्होंने अभी तक शादी भी नहीं की। इसके अलावा वे चंडीगढ़ पीजीआई में आने वाले लोगों की हर संभव मदद करती हैं। समाज सेवा के काम वे 17 सालों से जुड़ी हुई हैं।
Women's Day 2017, salute to unique lady amarjeet kaur, who does creamation of heirless dead bodies
अमरजीत कौर ढिल्लों
अमरजीत कौर का कोई एनजीओ नहीं है। कभी-कभी लोग इस काम में उनकी आर्थिक मदद जरूर कर देते हैं, फिर भी पूरे तन मन और धन से वे लावारिस शवों के संस्कार का यह महान कार्य को पिछले 7 सालों से करती आ रही हैं। चंडीगढ़ में जितने भी लावारिस शव पुलिस को मिलते हैं, शिनाख्त न हो पाने पर उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी खुद अमरजीत ही उठाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Women's Day 2017, salute to unique lady amarjeet kaur, who does creamation of heirless dead bodies
अमरजीत कौर ढिल्लों
अंतिम संस्कार से पहले वे श्मशान घाट के रजिस्टर पर लावारिस शव को उम्र के हिसाब से रिश्ते का नाम देती हैं। भाई का परिवार भी इनके साथ ही रहता है। अपनी पेंशन से वे लावारिस शवों के अंतिम संस्कार का खर्च उठाती हैं। अमरजीत कौर का कहना है कि महिलाएं घर की जिम्मेदारी के कारण कई बार आगे नहीं नहीं आ पातीं, लेकिन वो जो भी करती हैं उसमें नफा नुकसान नहीं सोचतीं। इसलिए वे हर औरत को सलाम करती हैं।
विज्ञापन
Women's Day 2017, salute to unique lady amarjeet kaur, who does creamation of heirless dead bodies
अमरजीत कौर ढिल्लों
अमरजीत कौर बताती हैं कि वे पंजाब एंड सिंध बैंक 1980 में क्लर्क लगी। साल 2000 में उन्होंने नौकरी से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपना जीवन समाज सेवा में लगा दिया। लावारिस शवों के संस्कार के पीछे की कहानी सुनिए। एक बार जब वह पीजीआई में थीं, तो वहां एक डेडबॉडी आई। पत्नी के पास संस्कार के पैसे नहीं  थे।  पुलिस ने लावारिस लाश के तौर पर उसका चार्ज लिया। इस पर अमरजीत ने शव को अपना बताया और उसका अंतिम संस्कार खुद करवाया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed