सबसे बड़ा सवाल? आतंकी थे किडनैपर तो SP जिंदा क्यों?
पठानकोट एयरबेस पर हुए आंतकी हमले में NIA की जांच में सबसे बड़ा सवाल ये है, आतंकियों ने एसपी सलविंदर को जिंदा क्यों छोड़ा? देखिए, कैसे गहराया शक?
सबसे बड़ा सवाल? आतंकी थे किडनैपर तो SP जिंदा क्यों?
एनआईए की टीम को यह बात नहीं जंच रही कि सबूत मिटाने के लिए जब आतंकवादियों ने एकागर सिंह को मार डाला तो एसपी सलविंदर सिंह और उनके कुक को क्यों कुछ नहीं कहा गया। वहीं एसपी सलविंदर सिंह का चरित्र भी संदेहास्पद है। सलविंदर सिंह की भारत-पाक सीमा पर तैनाती कैसे की गई? एनआईए एसपी की भूमिका को संदिग्ध मान रहा है। एसपी अपने कई जवाबों से एनआईए को संतुष्ट नहीं कर पाए हैं।
सबसे बड़ा सवाल? आतंकी थे किडनैपर तो SP जिंदा क्यों?
दीनानगर अटैक के दौरान भी सलविंदर सिंह गुरदासपुर में तैनात थे। आतंकवादियों से मुकाबला करने के लिए वह एसपी बलजीत सिंह के साथ गए थे। एसपी बलजीत सिंह आतंकियों की गोली से शहीद हो गए थे। एनआईए दीनानगर अटैक को अब पठानकोट के साथ जोड़कर देख रही है। वहीं अब एक नेता का नाम भी एसपी के साथ खुलकर सामने आने लगा है।
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मालूम हो कि सलविंदर सिंह पहले दिन से ही अपने बयानों को लेकर शक के घेरे में हैं। एनआईए को शक है कि एसपी का ड्रग्स कनेक्शन भी संभव है। यह सवाल भी है कि क्या कोलियां की तरफ आते समय सलविंदर के दोस्त राजेश वर्मा ने आतंकियों को ड्रग पैडलर समझकर गाड़ी रोकी थी। क्या ड्रग पैडलर के निर्देश पर ही आतंकियों ने सलविंदर को नुकसान नहीं पहुंचाया।
सबसे बड़ा सवाल? आतंकी थे किडनैपर तो SP जिंदा क्यों?
एसपी गाड़ी में अपने साथ अपने गनमैन को लेकर क्यों नहीं जा रहे थे? उनके पास उनका सरकारी हथियार भी क्यों नहीं था? एक पुलिस अफसर होने की हैसियत से क्या यह उनका दायित्व नहीं था कि वह अपनी जान पर खेलकर भी आतंकवादियों से मुकाबला करते? एसपी और उनके साथ के लोगों ने चाबी फेंक देने जैसी कोई हरकत कर आतंकियों को गाड़ी पर काबिज होने से रोकने की कोशिश क्यों नहीं की?