{"_id":"5989babe4f1c1bdf1a8b49e7","slug":"why-can-not-the-chandigarh-police-answer-these-questions","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ पुलिस क्यों नहीं दे पाई इन 6 सवालों के जवाब, दाल में कुछ तो काला है!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ पुलिस क्यों नहीं दे पाई इन 6 सवालों के जवाब, दाल में कुछ तो काला है!
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Aug 2017 10:08 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh Stalking Case
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईप्रोफाइल मामले में जिस तेजी से पुलिस ने आरोपियों को काबू किया था, उतनी ही जल्दी वह अपनी खामियों की वजह से घिर गई है। पूरे देश में चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है। हर कोई सवाल पूछा रहा है कि आखिर चंडीगढ़ पुलिस ने दबाव में आकर क्यों कार्रवाई की?
subhash brala son charged for molestation
1.बयानबाजी में जल्दबाजी
आरोपियों पर केस दर्ज करने से पहले पुलिस ने मीडिया में बयान दे दिया कि आरोपियों के खिलाफ किडनैपिंग करने की कोशिश की धारा लगाई जाएगी, लेकिन जब मामला दर्ज किया गया तो सिर्फ छेड़खानी की धारा लगाई गई।
आरोपियों पर केस दर्ज करने से पहले पुलिस ने मीडिया में बयान दे दिया कि आरोपियों के खिलाफ किडनैपिंग करने की कोशिश की धारा लगाई जाएगी, लेकिन जब मामला दर्ज किया गया तो सिर्फ छेड़खानी की धारा लगाई गई।
subhash brala son charged for molestation
2. कमजोर धारा लगाई
पीड़िता के बयान के बावजूद आरोपियों पर किडनैपिंग की कोशिश की धारा नहीं लगाई गई। आरोपियों पर सिर्फ छेड़खानी और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत धारा जोड़ी। सबसे पहले पुलिस पर सवाल यहीं से खड़े हुए।
पीड़िता के बयान के बावजूद आरोपियों पर किडनैपिंग की कोशिश की धारा नहीं लगाई गई। आरोपियों पर सिर्फ छेड़खानी और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत धारा जोड़ी। सबसे पहले पुलिस पर सवाल यहीं से खड़े हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
subhash brala son charged for molestation
3.थाने में आवभगत
घटना के दूसरे दिन सेक्टर-26 थाने में दिनभर कुछ पुलिसकर्मी कोल्डड्रिंक व फूड पैकेट की डिलीवरी करते पुलिसकर्मी दिखे। इस दौरान बीजेपी नेता, दोनों आरोपी भी थाने के अंदर थे। नेताओं की गाड़ी भी थाने के बाहर खड़ी थी। जिसकी फोटो वायरल होे के बाद पुलिस पर बीजेपी के दबाव का आरोप लगना तेज हो गया।
घटना के दूसरे दिन सेक्टर-26 थाने में दिनभर कुछ पुलिसकर्मी कोल्डड्रिंक व फूड पैकेट की डिलीवरी करते पुलिसकर्मी दिखे। इस दौरान बीजेपी नेता, दोनों आरोपी भी थाने के अंदर थे। नेताओं की गाड़ी भी थाने के बाहर खड़ी थी। जिसकी फोटो वायरल होे के बाद पुलिस पर बीजेपी के दबाव का आरोप लगना तेज हो गया।
विज्ञापन
Chandigarh Stalking Case
4. सीसीटीवी फुटेज का न मिलना
चंडीगढ़ स्मॉर्ट पुलिस का दावा करती है, लेकिन इस वारदात में इसका दावा खोखला साबित हुआ। सूत्रों के अनुसार वारदात वाले रूट पर छह में से चार सीसीटीव फुटेज खराब निकले, जबकि दो अन्य में कुछ भी सामने नहीं आया। बाद में प्राइवेट सीसीटीवी कैमरे से फुटेज मिली।
चंडीगढ़ स्मॉर्ट पुलिस का दावा करती है, लेकिन इस वारदात में इसका दावा खोखला साबित हुआ। सूत्रों के अनुसार वारदात वाले रूट पर छह में से चार सीसीटीव फुटेज खराब निकले, जबकि दो अन्य में कुछ भी सामने नहीं आया। बाद में प्राइवेट सीसीटीवी कैमरे से फुटेज मिली।