देखिए एक ऐसा गुरुद्वारा, नाम में मंदिर, नींव रखी मुसलमान ने
क्या आप जानते हैं कि पंजाब में एक ऐसा मुख्य गुरुद्वारा है, जिसके नाम में मंदिर है और जिसकी नींव एक मुस्लिम ने रखी थी। तस्वीरों में देखिए, इस आलौकिक धर्मस्थल को। -कंटेंट साभार: विकीपीडिया
देखिए एक ऐसा गुरुद्वारा, नाम में मंदिर, नींव रखी मुसलमान ने
ये धर्मस्थल है पंजाब के अमृतसर में स्थित गुरुद्वारा श्री हरिमन्दिर साहिब। इसे दरबार साहिब या स्वर्ण मन्दिर भी कहा जाता है। पूरा अमृतसर शहर स्वर्ण मंदिर के चारों तरफ बसा हुआ है। अमृतसर का नाम वास्तव में उस सरोवर के नाम पर रखा गया है जिसका निर्माण गुरु राम दास ने स्वयं अपने हाथों से किया था।
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यूं तो यह सिखों का गुरुद्वारा है, लेकिन इसके नाम में मंदिर शब्द का जुड़ना यह स्पष्ट करता है कि हमारे देश में सभी धर्मों को एक समान माना जाता है। इतना ही नहीं, श्री हरमंदिर साहिब की नींव भी एक मुसलमान ने ही रखी थी। इतिहास के मुताबिक सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी ने लाहौर के एक सूफी संत साईं मियां मीर जी से दिसंबर, 1588 में गुरुद्वारे की नींव रखवाई थी।
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लगभग 400 साल पुराने इस गुरुद्वारे का नक्शा खुद गुरु अर्जुन देव जी ने तैयार किया था। यह गुरुद्वारा शिल्प सौंदर्य की अनूठी मिसाल है। इसकी नक्काशी और बाहरी सुंदरता देखते ही बनती है। गुरुद्वारे के चारों ओर दरवाजे हैं, जो चारों दिशाओं (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण) में खुलते हैं। यहां हर धर्म के अनुयायी का स्वागत किया जाता है।
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श्री हरिमन्दिर साहिब परिसर में दो बड़े और कई छोटे-छोटे तीर्थस्थल हैं। ये सारे तीर्थस्थल जलाशय के चारों तरफ फैले हुए हैं। इस जलाशय को अमृतसर, अमृत सरोवर और अमृत झील के नाम से जाना जाता है। पूरा स्वर्ण मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है और इसकी दीवारों पर सोने की पत्तियों से नक्काशी की गई है।