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तस्वीरें: पानी को लेकर जंग, एसवाईएल की बैठक में भिड़ गए दो राज्य के मुख्यमंत्री

Fri, 12 May 2017 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 12 May 2017 10:52 PM IST
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 War situation in syl meeting
syl
एसवाईएल नहर को लेकर लंबे समय से खींचतान जारी है। ये जंग तब और बढ़ गई जब बैठक में पंजाब और हरियाणा के सीएम आपस में भिड़ गए।

 
 War situation in syl meeting
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सतलुज यमुना लिंक नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा ने भले ही कोर्ट के बाहर इस फैसले को निपटाने की बात कही हो, लेकिन गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सामने बैठक में स्थिति कुछ और थी। बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल एसवाईएल के मुददे पर भिड़ गए। 
 
 War situation in syl meeting
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तकरार इतनी ज्यादा हो गई कि कैप्टन की तरफ से पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल और हरियाणा की तरफ से कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ को मोर्चा संभालना पड़ा।बैठक में जैसे ही एसवाईएल का मुद्दा उठा तो हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के हक में है, लिहाजा हम पानी लेकर रहेंगे। कैप्टन ने पानी देने से इनकार किया तो दोनाें में तनातनी हो गई। 
 
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 War situation in syl meeting
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बातें तल्ख हुईं तो मनप्रीत बादल ने उठ कर कहा कि धमकाने से पानी नहीं देंगे। इसके बाद हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि धमकाने से नहीं तो बड़े मन से पानी दे दो। अमरिंदर ने कहा कि जिस समय जल समझौता हुआ था उस समय हालात अलग थे। आज की तारीख में पंजाब के पास सरप्लस पानी नहीं है। खट्टर ने उनके इस जवाब पर कहा कि पहले चैनल तो बनने दो पानी तो बाद में आ जाएगा।
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 War situation in syl meeting
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भाखड़ा मेन लाइन में पंजाब की ओर से 27 माइक्रो पावर प्रोजेक्ट लगाने की बात पर माहौल गर्म हो गया। हरियाणा ने तर्क दिया कि इससे पानी में कमी आएगी और वर्तमान में जो पानी हरियाणा को मिल रहा है वह प्रभावित होगा। अगर ये प्रोजेक्ट बनने भी हैं तो वह बीबीएमबी बनाए।  हरियाणा को इस समय पंजाब से 60 लाख एकड़ फीट पानी मिल रहा है। यह पानी नरवाना ब्रांच से ले रहे हैं, क्योंकि भाखड़ा मेन लाइन की इतनी क्षमता नहीं है। हरियाणा का दावा है कि उनके हिस्से में 79 लाख एकड़ फीट पानी मिलना चाहिए। जो 19 लाख एकड़ फीट पानी बचता है यह पानी एसवाईएल नहर के माध्यम से लेने के लिए यह सारी लड़ाई चल रही है।

 
 
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