आखिरकार रावण के अहंकार की लंका का खात्मा हो गया। रावण भी धूं-धूं कर जल कर राख हो गया। देखिए तस्वीरें
चंडीगढ़ में मंगलवार को 30 से भी अधिक जगहों पर दशहरे का त्योहार मनाया गया। इसमें रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ दशहरा का मेला देखने के लिए पहुंचे।
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चंडीगढ़ में रावण दहन
- फोटो : अमर उजाला
पुतलों के दहन से पूर्व के दृश्यों में राम और रावण की सेना में घमासान युद्ध हुआ। श्रीराम ने रावण का वध किया। इसके बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले का दहन हुआ। शहर के दशहरा ग्राउंड में मंगलवार को रथ पर सवार राम और रावण की सेना का प्रवेश भी देखने योग्य रही।
जय श्रीराम और जय भोलेनाथ के जयघोष लगते रहे। मेले में आकर्षक झांकियां भी लगाई थी। पुतला दहन के बाद लोगों ने खूब खरीदारी की। जिन्हें जगह नहीं मिली तो वे खड़े होकर की दशहरे का आनंद लिया। पुतला दहन के बाद उमड़ी भीड़ के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
वहीं सेक्टर-46 के सब्जीमंडी ग्राउंड में सनातन धर्म दशहरा कमेटी की ओर से 85 फुट ऊंचे रावण के साथ मेघनाद, कुंभकरण के पुतले जलाए गए। इस दशहरा में ड्रोन आकर्षण का केंद्र रहा। लोग अपने बच्चों को ड्रोन दिखा रहे थे।