वर्णिका कुंडू के अपहरण के प्रयास के मामले में आज का दिन काफी अहम है। देखिए ये मामला कहां तक पहुंचा?
वर्णिका कुंडू के अपहरण के प्रयास के मामले में आरोपियों के हाईप्रोफाइल होने और उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट की दलील को खारिज करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि बिना किसी दबाव के जांच हो रही है। इसके साथ ही चंडीगढ़ पुलिस की ओर से पेशकश करते हुए कहा गया कि मंगलवार को इस मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी जाएगी। हाईकोर्ट ने इस पर याचिकाकर्ता को याचिका की प्रति पुलिस को मुहैया करवाने के आदेश जारी किए।
सोमवार को एडवोकेट रंजन लखनपाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर ही सवाल उठा दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामले में जनहित याचिका मान्य नहीं है और थर्ड पार्टी की याचिका तो बिल्कुल नहीं।
अगर इस मामले में पीड़ित पक्ष इस तरह की याचिका दायर करता है तो उस पर सुनवाई का विचार किया भी जा सकता था। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट पुनीत बाली ने दखल देते हुए कहा कि यह एक गंभीर मामला है, जिसमें शहर में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है। लिहाजा, हाईकोर्ट को मामले में दखल देना चाहिए।
हाईकोर्ट ने इस दलील पर याचिका दोपहर बाद तक स्थगित कर दी। दोपहर बाद चंडीगढ़ के स्टैंडिंग काउंसिल आरएस राय ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने सही तरह से जांच कर कार्रवाई की है अगर हाईकोर्ट चाहे तो वह मंगलवार को इस केस में अब तक की गई जांच की सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस पर याचिकाकर्ता लखनपाल को इस जनहित याचिका की एक कॉपी चंडीगढ़ के स्टैंडिंग काउंसिल को दिए जाने के आदेश देते हुए सुनवाई मंगलवार तक स्थगित कर दी है।