यूपीएससी के टॉपर अनमोल शेर सिंह बेदी को यूं ही सफलता नहीं मिली, बल्कि इनके पढ़ने का तरीका बेहद अनोखा रहा। जानिए, आपके बड़े काम आएगा।
अनमोल शेर सिंह बेदी बताते हैं कि बचपन से अनमोल का सपना आईएस अधिकारी बनना था, लेकिन फ्यूचर सिक्योर करने के लिए उसने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग कर ली। 6 महीने पहले सोचा कि आईएएस की तैयारी की जाएगा। मैंने राजनीति विज्ञान विषय लिया और तैयारी शुरू कर दी, लेकिन ये नहीं सोचा था कि पहली बार में ही ये रैंक मिलेगी। इसलिए मुझे यकीं नहीं हो रहा, अपने रिजल्ट पर।
अनमोल के पिता डॉ. सर्बजीत सिंह बेदी एनआईआईटी जालंधर के पूर्व रजिस्ट्रार रह चुके हैं और मां जसपाल बेदी सोशल वर्कर हैं। अनमोल ने बताया कि उसने बारहवीं तक की पढ़ाई स्प्रिंग डेल सीनियर स्कूल से की। आईआईटी ज्वॉइन करना चाहता था, लेकिन कुछ अंकों से चूक गया। फिर बिट्स बिलानी से कंप्यूटर साइंस की। आखिरी छह महीने में उसने ट्रेनिंग के लिए दिल्ली को चुना था।
दिल्ली आकर मन में बचपन का सपना पूरा करने का जुनून फिर जाग गया। पिता से बात की तो उन्होंने मुझ पर छोड़ दिया। मैंने यूपीएससी का फॉर्म भर दिया और ट्रेनिंग के साथ-साथ कोचिंग शुरु कर दी। छह महीने की कोचिंग ली और एग्जाम दे आया। रिजल्ट के बारे में सोचता ही नहीं था, क्योंकि इतने बड़े एग्जाम को क्लीयर करना आसान भी नहीं था। इसलिए दूसरा चांस लेने को भी तैयार था।
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यूपीएससी एग्जाम में ऑल इंडिया सेकेंड टॉपर अनमोल शेर सिंह बेदी
बता दें कि अनमोल ने इंडियन फोरन सर्वेसिस (आईएफएस) को चुना है, क्योंकि वे भारत की तरक्की में अपना योगदान देना चाहते हैं। अनमोल कहते हैं कि मैं दहेज प्रथा के खिलाफ हूं, इसलिए दहेज के खिलाफ जंग लड़ूंगा और बिना दहेज के शादी करूंगा। सालों से चली आ रही दहेज की कुरीति के खिलाफ मुहिम छेड़ूंगा, ताकि समाज में सुधार आ सके।