उत्तर प्रदेश पीसीएस 2020 परीक्षा में पहला स्थान पंजाब के नवांशहर जिले की संचिता शर्मा ने हासिल की। सोमवार सुबह संचिता दिल्ली से अपने घर नवांशहर पहुंचीं। वे अपनी इस सफलता से बेहद खुश हैं। संचिता ने बताया कि बचपन में स्कूल प्रिंसिपल स्व. एसके शर्मा ने एक बार कहा था कि मैं तुम्हें (प्रिंसिपल सर) लालबत्ती वाली गाड़ी में बैठे हुए देखना चाहता हूं।
बस तभी से मैंने इसे अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया। संचिता ने कहा कि सर भले ही नहीं रहे लेकिन उनके शब्द आज भी याद हैं। संचिता ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद निजी क्षेत्र में नौकरी की। लेकिन फिर लगा कि शायद यह मेरा मुकाम नहीं है। इसके बाद उसने पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिए वह रोजाना आठ से 10 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। टॉपर संचिता ने इस उपलब्धि का मंत्र भी साझा किया।
उन्होंने बताया कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। उसका कहना है कि हर विषय की गहराई से पढ़ाई की जानी चाहिए। संचिता ने कहा कि मेरे परिवार ने हमेशा पूरा सहयोग दिया है। पिछले करीब दो वर्ष से वह दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहीं थीं। संचिता ने बताया कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा किरपाल सागर, नवांशहर से हुई है। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा भी नवांशहर के केसी स्कूल से की।
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अपने परिवार के साथ संचिता शर्मा।
दसवीं की परीक्षा शिवालिक स्कूल से पास की। इसके बाद 12वीं चंडीगढ़ में पास की और वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। संचिता के पिता चंद्रशेखर सहजपाल व माता ज्योति सहजपाल ने बताया कि उनकी खुशी के आंसू थम नहीं रहे। उन्होंने कहा कि संचिता शुरू से ही पढ़ने में होशियार थी और उन्हें उम्मीद थी कि बेटी एक दिन जरूर बड़े मुकाम पर पहुंचेगी।
संचिता की बड़ी बहन निवेदिता नवांशहर में दांतों की डॉक्टर हैं, जबकि छोटा भाई निर्मल सहजपाल वकील है। संचिता की इस उपलब्धि पर दोनों भाई बहन ने खुशी व्यक्त की और कहा कि सुबह से ही बधाई देने वालों के तमाम फोन आ चुके हैं।