फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

रहस्यमयी पेड़, इसे काटने पर निकलता था 'खून', लोग मानते हैं चमत्कार

Wed, 25 Jan 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Updated Wed, 25 Jan 2017 09:43 AM IST
विज्ञापन
unique mango tree of blood was at haryana implanted during third war of panipat, amazing story
एक रहस्यमयी पेड़, जिसे काटने पर खून निकला करता था
क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसा रहस्यमयी पेड़ था, जिसे काटने पर खून निकला करता था और इसकी निशानी आज भी बाकी है। जानिए कहां था ये?
unique mango tree of blood was at haryana implanted during third war of panipat, amazing story
एक रहस्यमयी पेड़, जिसे काटने पर खून निकला करता था
जानकर हैरानी होगी कि हरियाणा के पानीपत में यह पेड़ मौजूद था और उसकी जगह पर आज एक स्मारक बना हुआ है जो काफी ऐतिहासिक है। इसके लोग 'काला अंब' मतलब काला आम के नाम से जानते हैं। इसके पीछे की कहानी बड़े-बुजुर्गों के मुंह से सुनी जा सकती है। पानीपत में रहते एक बुजुर्ग ने पेड़ से खून निकलने के पीछे की कहानी सुनाई तो सुनने वाले हैरान रह गए।

 
unique mango tree of blood was at haryana implanted during third war of panipat, amazing story
एक रहस्यमयी पेड़, जिसे काटने पर खून निकला करता था
बुजुर्ग बताते हैं कि इस जगह पर एक काफी बड़ा आम का पेड़ होता था। पानीपत में तीन लड़ाइयां लड़ी गईं और इस जगह पर तीसरे युद्ध की निशानी है। तृतीय युद्ध के दौरान तकरीबन 70,000 मराठा सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया था। इतना रक्त बहा कि पानीपत की मिट्टी लाल हो गई। उसी मिट्टी में यह आम का पेड़ लगाया गया था, लेकिन वक्त से पहले ही यह पेड़ बड़ा हो गया था। इसके पतों का रंग भी गहरा हरा होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
unique mango tree of blood was at haryana implanted during third war of panipat, amazing story
एक रहस्यमयी पेड़, जिसे काटने पर खून निकला करता था
बुजुर्ग बताते हैं कि आम का यह पेड़ काफी तेजी से बढ़ रहा था। लोगों ने इसके पीछे का कारण लाल मिट्टी को माना, लेकिन जैसे-जैसे यह बड़ा हुआ, इसका रंग काला पड़ गया। उसके बाद जब पेड़ पर लगे आमों को तोड़कर काटा गया तो उनसे खून जैसा लाल रंग रिसता था। कई वर्षों बाद इस पेड़ के सूखने पर इसे कवि पंडित सुगन चंद रईस ने खरीद लिया। सुगन चंद ने इस पेड़ की लकड़ी से खूबसूरत दरवाजे बनवाए।

 
विज्ञापन
unique mango tree of blood was at haryana implanted during third war of panipat, amazing story
एक रहस्यमयी पेड़, जिसे काटने पर खून निकला करता था
यह दरवाजा आज भी पानीपत के म्यूजियम में देखे जा सकते हैं। बुजुर्ग का कहना है कि उसी समय लोगों ने तभी से इस जगह को 'काला अंब' यानी काला आम नाम दे दिया। यह पेड़ बहुत समय तक गायब भी रहा था। आज इस इस जगह पर लोहे की छड़ के साथ ईंट से बना एक स्तंभ है। इस स्तंभ पर अंग्रेज़ी और उर्दू में लड़ाई के बारे में एक संक्षिप्त शिलालेख है। इसके चारों ओर एक लोहे की बाड़ बनी हुई है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed