102 रन की नाबाद पारी खेलकर पाकिस्तान को हराने के बाद शुभमन गिल की जिंदादिली देखने को मिली। उन्होंने ऐसा काम किया कि हर किसी से सराहना मिली।
...शाबाश पुत्तर शुभी, हाथी निकल गया ए हुन पूंछ ही बाकी ए। टीम के साथ बेहतर प्रयास करो और वर्ल्ड कप ट्राफी को भारत की झोली में डाल दो। शुभमन को प्यार से शुभी पुकारने वाले उनके पिता लखविंदर सिंह ने अपने बेटे से फोन पर बातचीत में कहा, वह जश्न जरूर मनाए लेकिन तुरंत फाइनल पर अपना ध्यान फोकस करे। वहीं, बेटे ने भी फोन पर कहा डैडी आपकी मेहनत सफल हो रही है, जीत एक कदम दूर है। हमें पूरी उम्मीद है कि वर्ल्ड कप को हम जीतने में कामयाब होंगे।
यह कहकर शुभमन ने मां-बाप का, सभी देशवासियों का दिल ही जीत लिया। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल में पहुंचाने वाले ट्राइसिटी के क्रिकेटर शुभमन गिल रातों रात क्रिकेट प्रेमियों की आंखों का तारा बन गए हैं। मंगलवार को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में शुभमन ने चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 102 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली। टूर्नामेंट में यह उनका पहला शतक था।
शुभमन के पिता लखविंदर सिंह और मां कीरत कौर गिल बताती हैं कि मैच शुरू होने से पहले ही टीवी स्क्रीन ऑन करके बैठ गए थे। भारत की पहली बल्लेबाजी थी और शुभमन हर बार की तरह ओपनिंग करने पहुंच गया। जब शुभमन पाकिस्तान के गेंदबाजों की गेंदों पर चौके लगा रहे थे, उस समय मां और पिता उसके हर शॉट पर तालियां बजा रहे थे। शुभमन के शतक ठोकते ही पूरे परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
पाकिस्तान को हराकर भारत के फाइनल में पहुंचने की खबर जैसे ही प्रशंसकों में फैली शुभमन के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। लोग इंटरव्यू लेने के लिए पहुंचना शुरू हो गए। शुभमन के पिता लखविंदर सिंह ने कहा कि वे किसान परिवार से हैं। इस तरह की चमक-धमक देखकर उन्हें हैरानी हुई। उन्हें इस बात की खुशी है कि शुभमन की वजह से परिवार का नाम रोशन हुआ।