पिता ने सिर गोद में रखकर जवान बेटे के माथे को चूमा, सेहरा सजाया और फिर उसे अंतिम विदाई दे दी। यह देखकर सभी का कलेजा फट गया, देखिए तस्वीरें।
जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में 7 फरवरी को एवलांच की चपेट में आने से पंजाब के डेरा बाबा नानक निवासी दो दोस्तों की जान चली गई थी। सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में ही किया गया। दोनों दोस्त श्रीनगर घूमने के लिए 3 फरवरी को गए थे। वहां एवलांच में उनकी मौत हो गई।
रविवार देर शाम को मृतकों के शव डेरा बाबा नानक में उनके परिजनों को सौंपे गए थे। सोमवार को बलजीत सिंह का अंतिम संस्कार डेरा बाबा नानक के पास रावी दरिया के पास किया गया। बलजीत सिंह शादीशुदा नहीं था, इसलिए उसके परिजनों ने सेहरा बांधकर उसका संस्कार किया।
बलजीत सिंह के पिता हरी सिंह ने चिता को अग्नि दी। वहीं विक्की का अंतिम संस्कार गांव उधमपुर के शमशानघाट में किया गया। बलजीत सिंह की माता जसपाल कौर की 2004 में ही मौत हो गई थी। बलजीत सिंह पुत्र हरी सिंह (33) और विक्की पुत्र कुलविंदर सिंह (35) 7 फरवरी को श्री नगर से घूमकर वह वापस आ रहे थे।
जब वह कुलगाम जिले की जवाहर टनल के पास पहुंचे तो उन्हें पुलिसकर्मियों ने रोक लिया, यह कहते हुए कि आगे रास्ता खराब है, वह न जाएं। उसी दिन रात के समय चौकी के उपर एवलांच हो गया, जिसमें दबने से 7 पुलिस कर्मियों और उक्त दोनों युवकों की मौत हो गई। कुछ लोगों को रेस्कयू करके बाहर निकाला गया था।